पांच दिन से पत्नी और बेटी के साथ अनशन पर बैठे प्रधानाध्यापक की हालत मंगलवार रात को बिगड़ गई। अनशन न तोड़ने पर अडिग प्रधानाध्यापक को प्रशासन ने रात को जबरन जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां भी उन्होंने उपचार लेेने से मना कर दिया और कहा जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती अनशन नहीं तोड़ेंगे। वह वर्ष 2014 से रोके गए वेतन और एरियर की मांग कर रहे हैं। जिला अस्पताल में भी उन्होंने अनशन जारी रखा है।
ब्लाक अवागढ़ स्थित प्राथमिक विद्यालय जरानी कलां में तैनात प्रधानाध्यापक अखिलेश मिश्रा निवासी स्वर्णपुरी कालोनी कोतवाली वेतन और एरियर न मिलने पर परिवार के साथ अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2014 से लेकर अब तक वेतन , एरियर नहीं मिला है। उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट गहराया गया है। कई बार विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। 16 जनवरी से प्रधानाध्यापक परिवार सहित कलक्ट्रेट पर अनशन पर बैठ गए। मंगलवार सुबह शिक्षामित्रों ने धरना स्थल पर पहुंच समर्थन दिया। बीएसए को ज्ञापन देकर समस्या निस्तारण की मांग की थी। मंगलवार रात्रि अनशनकारी की हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने की जानकारी पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को हुई। अनशन स्थल पर एसडीएम, नायब तहसीलदार और सीओ पहुंच गए। प्रधानाध्यापक की हालत देख कर अनशन समाप्त करने के लिए कहा लेकिन वह मांगे पूरी होने तक अनशन खत्म न करने पर अड़े रहे। अनशन स्थल पर प्रधानाध्यापक ने जब प्राथमिक उपचार लेने से मना कर दिया तो प्रशासन के अधिकारी जबरन उन्हे तथा परिवार के सदस्यों (पत्नी और बेटी निधि) को जिला अस्पताल ले गए। यहां भी अनशनकारी ने दवा लेने से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी जिला अस्पताल स्टाफ ने नगर पुलिस को मीमो भेजकर दी है।