एटा/जलेसर। सहकारी समितियों पर बृहस्पतिवार को भी भीड़ और धक्कामुक्की के बीच खाद का वितरण हुआ। सुबह से पहुंचे किसानों को घंटों कतारों में जूझना पड़ा। उधर, जलेसर में खाद के लिए हंगामा हुआ। पुलिस ने पहुंचकर शांत किया।
डीएपी की समस्या से जूझ रहे किसान सुबह से ही खाद लेने के लिए कतारों में घंटों खडे रहकर परेशान नजर आ रहे हैं। शहर के अलीगंज रोड स्थित सहकारी समिति पर बृहस्पतिवार को पहुंचे किसानों का कहना था कि बुधवार को भी आए थे, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिल सकी। इसे लेकर बुधवार आधी रात को गांव से गल्ला मंडी स्थित समिति पर पहुंचकर कतार में लग गए। इस बीच किसानों ने खाद वितरण में अनियमितताओं का आरोप भी लगाया।
शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत स्थित सहकारी समिति जीसुखपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें खाद की बोरियों को एक गाड़ी में लोड कर कुछ लोग ले जा रहे हैं। गांव वालों ने रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन ये लोग गाड़ी भगाकर ले गए। एआर कोऑपरेटिव सतीश कुमार ने बताया कि मामला जानकारी में नहीं आया है। पता कर जांच और कार्रवाई कराई जाएगी।
जलेसर में सादाबाद रोड स्थित कृभकों खाद वितरण केंद्र पर डीएपी न बांटे जाने पर किसानों ने जमकर हंगामा काटा। भाकियू किसान के प्रदेश महासचिव प्रत्येंद्र सिसोदिया ने सचिव पर डीएपी ब्लैक किए जाने का आरोप लगाया। कहा कि किसान डीएपी के लिए आधी रात से लंबी कतार लगाकर खड़े रहते हैं। महिला और बुजुर्ग भी कतार लगाए खड़े हैं। अधिकारी-कर्मचारी किसानों की सुनने को तैयार नहीं है।
पति और बच्चे कल लाइन में लगे थे, खाद नहीं मिल सकी। आज मैं खाद लेने आईं हूं, धक्का-मुक्की हो रही है। बहुत परेशान हूं। सरकार से निवेदन है कि किसानों का ध्यान रखें। -गायत्री देवी, कंसुरी
पेशे से वकील हूं, खाद लेने के लिए सुबह भाई लाइन में लग गए थे। अब उन्हें आराम देकर मैं खुद लग गया हूं। कचहरी जाने का समय हो रहा है, फिर से भाई को लाइन में लगाऊंगा। -जुगेंद्र सिंह, अचलपुर
सहकारी समिति पर डीएपी नहीं
मिरहची। कस्बा में सहकारी समिति पर डीएपी खाद नहीं है। जबकि निजी दुकानों पर कालाबाजारी की जा रही है। किसानों के अनुसार दुकानदार खुलेआम खाद की बोरी 1600 से लेकर 2000 तक में बेच रहे हैं। जबकि खाद का निर्धारित मूल्य 1350 रुपये है। फालर निवासी किसान सुर्जन ने बताया कि समिति पर खाद नहीं है। निजी दुकानों पर अधिक दाम पर खाद बेची जा रही है। किसान संजू ने बताया कि दुकानदारों पर अधिकारी रोक नहीं लगा रहे। इसलिए वो बेखौफ अधिक दाम वसूल रहे हैं। संवाद