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बारिश और ओलावृष्टि से बर्बादी के कगार पर पहुंचे किसान

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एटा के मिरहची में सरसों की गिरी हुई फसल दिखाता किसान। संवाद - फोटो : ETAH
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एटा/अवागढ़/मारहरा/सकीट। अवागढ़, सकीट और मारहरा ब्लॉक क्षेत्र में शनिवार को तेज बारिश और देर शाम हुई ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसल में हुआ है। पूरी फसल चौपट हो गई। इसके साथ ही गेहूं, जौ, आलू में भी काफी नुकसान हुआ है। अवागढ़ क्षेत्र के नगला नया, सीर, गुलाबपुर, वीरनगर, बख्शी, रुद्रपुर, बोर्राकलां, शहनौआ, नगला इमलिया, नगला ब्लॉक, बधा, जिनावली, नगला मोती, मंडपुरा आदि गांवों में किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं।
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मारहरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव श्यामपुर, गोबरा, न्याजनगर, मुहम्मदपुर ततारपुर, रामई हेतमशाह, सुपैती, फालर, जारथल, ख्वाजगीपुर, नगला नत्थू, रसूलपुर गढौली, बढौली आदि में काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि बारिश व ओलावृष्टि से सरसों की फसल में करीब 50 फीसदी तक का नुकसान हुआ है। अगर दो दिन के अंदर धूप नहीं निकली तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। वहीं आलू में 20 फीसदी और गेहूं में 30 फीसदी फसल बर्बाद होने का दावा कर रहे हैं। वहीं कृषि विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में सरसों व गेहूं में 5-5 फीसदी और आलू की फसल को 10 फीसदी नुकसान हुआ है।
रविवार को भी हुई बूंदाबांदी
रविवार को भी आसमान में पूरे दिन बादल छाए रहे। दिन में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। जिसे देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बनी रहीं। उनका कहना था कि धूप न निकली तो बची हुई फसल भी खराब हो जाएगी।
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नहीं निकली धूप, बिस्तरों में मनी छुट्टी
रविवार को भी धूप नहीं निकली। जिसके चलते पूरे ही दिन मौसम ठंडा बना रहा। रविवार को सामान्य अवकाश था। ऐसे में अधिकांश लोगों ने छुट्टी बिस्तरों में ही मनाई। वहीं दुकानदार आदि अपनी दुकानों के बाहर अलाव जलाकर तापते हुए देखे गए।
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