सकीट में आसपुर रोड पर जलाई गई पराली से उठता हुआ धुआं। संवाद
सकीट। क्षेत्र में किसानों को सेटेलाइट की निगरानी व कार्रवाई का कोई डर नही है। खुलेआम धान की पराली जला रहे हैं। मंगलवार को भी सकीट-आसपुर मार्ग पर धान की पराली जलाई गई। इससे राहगीर व क्षेत्रीय लोग परेशान रहे।
शासन द्वारा धान की पराली जलाने को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसा करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद किसान नहीं मान रहे। कहीं दिन में तो कहीं चोरी-छुपे रात में पराली जलाते हुए शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मंगलवार को सकीट-आसपुर मार्ग पर खेतों में काफी मात्रा में धान की पराली में आग लगा दी गई। इससे काफी ऊंचाई और दूरी तक धुएं के गुबार उठते रहे।
पराली जलने पर लगाया पांच हजार क जुर्माना
एटा। उप कृषि निदेशक सुमित कुमार ने बताया कि 2 नवंबर को सेटेलाइट द्वारा पराली जलाने की सूचना प्राप्त हुई। संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल एवं कृषि विभाग की टीम ने मौके पर निरीक्षण किया। इसमें विकासखंड अवागढ़ के नारऊ वीरनगर निवासी अजय प्रताप सिंह के खेत में पराली जलाए जाने की पुष्टि हुई। अजय प्रताप पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पराली जलाना दंडनीय अपराध है। घटना सेटेलाइट निगरानी द्वारा रिकॉर्ड हो जाती है। ऐसे में कार्रवाई से बचना असंभव है। संवाद