एटा। बेटी से दुष्कर्म की रिपोर्ट एक महिला ने दर्ज कराई। अदालत में अपनी बात से मुकर गई। लोक अदालत में मामले का निस्तारण 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाकर किया गया है।
महिला ने नाबालिग पुत्री के दुष्कर्म की रिपोर्ट गांव के जितेंद्र व रवि के विरुद्ध दर्ज कराई थी। पुलिस ने भी मामले की विवेचना कर दोनों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में भेज दिया। यहां जब मामले की सुनवाई हुई तो पीड़िता और गवाहों के अलावा रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला भी अपनी बात से मुकर गई। अदालत में उसने माना कि उसने दुष्कर्म करते हुए किसी को नहीं देखा।
मामले में अदालत ने 6 अगस्त 2025 को आरोपियों को दोषमुक्त करार देते हुए महिला के विरुद्ध झूठी गवाही देने का मामला दर्ज कर लिया। लोक अदालत में महिला ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नरेन्द्र पाल राणा ने उसे 1000 रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे 5 दिन के कारावास की सजा भुगतनी होगी।