एटा। नकली बीज का कारोबार जिले के कोने-कोने में चल रहा है। कृषि विभाग नमूना लेकर महज गुणवत्ता की जांच करता है, लेकिन उसके असली-नकली की पहचान नहीं हो पाती।
हाल ही में एक कंपनी के अधिकारियों ने जलेसर में कंपनी की नकली पैकिंग का बीज पकड़ा। इसी कंपनी के बीज से दो साल पहले अलीगंज क्षेत्र में उपज नहीं मिली थी। कृषि विभाग इन कड़ियों को जोड़कर नकली बीज कारोबार की तह में जाने की कोशिश कर रहा है।
अलीगंज क्षेत्र में दो साल पहले तमाम किसानों के साथ धोखा हुआ था। उन्होंने ऊंची कीमत में अच्छी कंपनी का पैकेट बंद मक्का का बीज खरीदकर बुआई कर दी। फसल भी अच्छी हुई, लेकिन पैदावार का समय आया तो दाना ही नहीं पड़ा।
ऐसे में किसान बर्बाद हो गए थे। कृषि विभाग से शिकायत की गई। जांच में सामने आया कि बीज ब्रायर क्रॉप साइंस लि. कंपनी का था। इसे काली सूची में डालने के लिए विभाग ने नोटिस जारी कर दिया।
इसके बाद कंपनी भी छानबीन में जुट गई। कंपनी के सामने यही बड़ा सवाल था कि बीज असली था या नकली? कंपनी को सफलता भी हाथ लगी और जलेसर कस्बे में 14 फरवरी को एक दुकान से मक्का का नकली बीज पकड़ भी लिया गया। इसी कंपनी के पैकेट काफी होशियारी से छपवाए गए थे। लेकिन सीरियल नंबर सभी में समान था, इससे जालसाजी पकड़ में आ गई। हालांकि, इस दुकानदार पर तो कंपनी के अधिकारियों ने केस दर्ज करा दिया।
लेकिन किसानों के सामने संकट यह खड़ा हो गया है कि नामी-गिरामी कंपनियों की चमकती पैकिंग के बीज का भी भरोसा कैसे किया जाए?