शहर के डाक बगलिया में बैठे हुए बस से उतारे गए लोग।
- फोटो : शहर के डाक बगलिया में बैठे हुए बस से उतारे गए लोग।
एटा। कुंभ स्नान के लिए उत्साह के साथ प्रयागराज जा रहे श्रद्धालुओं को प्राइवेट बस ने रास्ते में ही उतार दिया। बच्चे, बुर्जुग, महिलाओं ने सड़क किनारे बैठकर कुंभ जाने की आस में पूरी रात गुजारी। हंगामा भी किया, मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। रविवार तड़के बस चालक के मना करने पर श्रद्धालु मायूस होकर वापस घर चले गए।
शनिवार शाम को दो प्राइवेट बसें कासगंज से कुंभ स्नान कराने के लिए श्रद्धालुओं को लेकर प्रयागराज के लिए निकलीं। श्रद्धालुओं से किराए के रुपये एडवांस ले लिए गए थे। बाद में किसी बात को लेकर एक बस के चालक ने शहर के डाक बगलिया पर लाकर खड़ा कर दिया। पहले कुछ समय बाद चलने की बात कही गई। बाद में साफ मना कर दिया गया। इसे लेकर लोगों से चालक, क्लीनर का देर रात तक विवाद होता रहा।
सूचना पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (स्वराष्ट्र) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बस स्वामी को फोन कर समझाने का प्रयास किया लेकिन बस को कुंभ ले जाने से उन्होंने भी साफ तौर पर मना कर दिया।
हंगामा बढ़ता देख मौके पर पुलिस भी आ गई। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने श्रद्धालुओं की बात सुनने के बजाए बस को वहां से जाने दिया। दीपक शर्मा ने बताया कि दूसरी बस में कुछ लोगों को शिफ्ट कराया, लेकिन 35 लोग नहीं आ सके, ऐसे में वह रविवार तड़के अन्य संसाधनों से कासगंज वापस चले गए। ज्यादातर लोगों का सामान अभी भी बस में हैं जो चालक-क्लीनर ने लोगों को निकालने ही नहीं दिया।