शनिवार की रात्रि को शुरु हुई राजगद्दी शोभायात्रा का समापन रविवार को सुबह प्रभु श्रीराम के राजतिलक के साथ संपन्न हुआ। बारहद्वारी पर रामदरबार में प्रभु श्रीराम के स्वरुप का राजतिलक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच परंपरागत रुप से राजतिलक किया गया। आरती उतारी गई।
राजगद्दी शोभायात्रा ने पूरी रात नगर के विभिन्न मार्गों पर भ्रमण किया। शोभायात्रा को देखने के लिए नगर शोभायात्रा के मार्गों पर छतों, गलियों में मकानों के बाहर लोग एकत्रित थे। बाहरी इलाकों से पहुंचे लोग भी जहां तहां शोभायात्रा को देखने के लिए खड़े हुए थे। जगह-जगह शोभायात्रा में देवी देवताओं के स्वरुपों की आरती उतारी गईं, पुष्प वर्षा हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे चल रही हाथी की सवारी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र थी। बच्चे हाथी की सवारी को उत्सुक थे। तमाम बच्चे हाथी की सवारी करते नजर आ रहे थे। वहीं काली के अखाड़े जोरदार काली की कला का प्रदर्शन करते लोग नजर आए। वहीं शिव अखाड़े के कलाकार भी मनोहरहारी नृत्य प्रस्तुत कर रहे थे। नगर में राजगद्दी शोभायात्रा की रातभरू धूम बनी रही। सुबह के समय बारहद्वारी रामलीला मंच पर आकर शोभायात्रा का समापन हुआ। यहां रामलीला कमेटी अध्यक्ष विनोद गुप्ता और अन्य पदाधिकारियों ने राजतिलक की रस्म अदायगी की। इस दौरान काफी संख्या में गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। कलाकारों को पुरस्कार भी दिए गए। प्रभु श्रीराम के राजतिलक होने के साथ ही श्रीराम के जयकारे गूंजने लगे।