एटा। बांग्लादेश में हिंसक घटनाओं को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स ने रोष जताया है। पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम प्रेम रंजन सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।
पदाधिकारियों ने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा, अल्पसंख्यक हिंदुओं की लगातार घट रही संख्या, वहां के धरोहर पुराने मंदिरों और मूर्तियों की तोड़-फोड़ हिंदू बहन-बेटियों के साथ अत्याचार, शारीरिक शोषण, हिंदुओं की दुकानों और घरों में लूट और नरसंहार जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं। ज्ञापन में कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला कर उनको लूटा व मारा-पीटा जा रहा है। मां-बहनों की इज्जत तार-तार की जा रही है। यह समाज हमेशा से ही पूरे विश्व में अपनी सहनशीलता, अनुशासन व शांतिप्रिय छवि के लिए जाना जाता है। पूरे विश्व के कल्याण के लिए कार्य किया है। एसी संस्कृति को नष्ट कर उग्रवाद वाली विचारधारा को बढ़ाया जा रहा है।
मांग रखी कि जिन हिंदुओं ने अपना सब कुछ खो दिया है, उनके लिए योजनाबद्ध तरीके से मदद पहुंचाई जाए। भविष्य में मानवाधिकार हनन के मामले रोकने व हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाई जाए। भारत सरकार से अनुरोध करते हुए कहा है की बांग्लादेश में नाटो की सेना को भेजा जाए। जिलाध्यक्ष रंजीत वार्ष्णेय, जिला महासचिव अनुज वार्ष्णेय, अनुज गुप्ता, नितिन जैन, यतन वार्ष्णेय, लोकेंद्र, गौतम, रोबिन, कुलदीप आदि रहे।