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मातहतों का कारनामा: मौत के दो वर्ष बाद भी मनरेगा में लग रही हाजिरी, पैसा खाते में भेजा और निकाला भी जा रहा

Wed, 14 Jun 2023 06:04 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, एटा

सार

एटा में मातहतों का गजब कारनामा सामने आया है। यहां एक युवक की मौत के दो वर्ष बाद भी मनरेगा में हाजिरी लग रही है। यही नहीं खाते में पैसा भेजा और निकाला भी जा रहा है। 
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मनरेगा
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के एटा जिले में जिन लोगों की मौत हो चुकी है, वह भी मनरेगा के तहत मजदूरी कर रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि उनके खाते में न सिर्फ पैसे जा रहे हैं, बल्कि बराबर निकाले भी जा रहे हैं। मामला सामने आया तो इसे जानकर हर कोई हैरान है। यह घटना जिम्मेदारों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की कलई खोल रही है।  

मृत्यु प्रमाण पत्र हो चुका है जारी

मामला मारहरा विकासखंड क्षेत्र के मुहम्मपुर ततारपुर ग्राम पंचायत की है। ग्राम पंचायत के बुढैना गांव निवासी महाराज सिंह जीवित रहते मनरेगा में मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। 27 जुलाई 2021 को बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई। परिजन ने उनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी करा लिया।

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विभागीय पोर्टल पर दर्ज कर की गई हाजिरी

दूसरी तरफ ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों में उनकी आज भी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। यह सब लिखित रूप से दस्तावेजों में किया जा रहा है। इतना ही नहीं 2022 में तीन बार मस्टरोल में हाजिरी भी विभागीय पोर्टल पर दर्ज कर की गई। यही नहीं उनके खाते में पैसा भेजा गया और निकाला भी गया। ग्रामीणों ने कहा कि सचिव की मिलीभगत से विभागीय कर्मी इस तरह के पैसों का बंदरबांट कर लेते हैं। 

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जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई

बैंक नियमों की बात करें तो किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके खाते में बची रकम को उसके वारिस को देने का प्रावधान है। लेकिन, खाता संचालित होना संभव नहीं है। उसके बाद भी मृतक को मजूदरी करते दिखाकर रकम खाते में भेजी और निकाली जा रही है। मनरेगा डीसी प्रभुदयाल ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी अगर ऐसा पाया जाता है तो संबधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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