उत्तर प्रदेश के एटा जिले में जिन लोगों की मौत हो चुकी है, वह भी मनरेगा के तहत मजदूरी कर रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि उनके खाते में न सिर्फ पैसे जा रहे हैं, बल्कि बराबर निकाले भी जा रहे हैं। मामला सामने आया तो इसे जानकर हर कोई हैरान है। यह घटना जिम्मेदारों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की कलई खोल रही है।
मृत्यु प्रमाण पत्र हो चुका है जारी
मामला मारहरा विकासखंड क्षेत्र के मुहम्मपुर ततारपुर ग्राम पंचायत की है। ग्राम पंचायत के बुढैना गांव निवासी महाराज सिंह जीवित रहते मनरेगा में मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। 27 जुलाई 2021 को बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई। परिजन ने उनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी करा लिया।