जीटी रोड पर ऑटो और ई-रिक्शा की वजह से लगा जाम। संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। शहर के अंदर जीटी रोड पर वाहनों की भरमार से जाम लगा रहता है। लोगों व अफसरों का मानना था कि बाईपास न होने की वजह से यह समस्या है, लेकिन जीटी रोड का अलग बाईपास बनने के बाद भी शहर के अंदर जाम की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसके बावजूद जिम्मेदार अफसर यातायात प्रबंधन प्रणाली तैयार नहीं कर रहे।
शहर के अंदर बेतरतीब दौड़ रहे तीन हजार ई-रिक्शे और दो हजार ऑटो बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। इनके संचालन के लिए रूट सीमा तय नहीं की गई है। हर ओर ये वाहन चल देते हैं। खासतौर से अधिक यात्रियों वाले मार्गों पर सभी की नजर रहती है। जिसके चलते जीटी रोड पर ही सबसे अधिक भीड़ लगती है। जबकि स्कूलों की छुट्टी के समय उनके आगे जाम के हालात बन जाते हैं।
तीन महीने न चली बनी जोन व्यवस्था
दिसंबर 2017 में शहर के अंदर रूट प्लान बनाया गया था। जिसके तहत शहर को छह जोन में बांटा गया और ई-रिक्शों, ऑटो को अलग-अलग रूट बांट दिए गए। हर जोन के लिए उन्हें नंबर आवंटित किए गए। शुरुआती दौर में सख्ती भी की गई और एक-दो रिक्शा चालकों पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन बाद में चालक विरोध में लामबंद हो गए और इसमें राजनीति भी शुरू हो गई। जिसके चलते पुलिस-प्रशासन को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। जोन व्यवस्था तीन महीने भी नहीं चल सकी। इसके बाद से प्रशासन और पुलिस ने रुचि भी नहीं ली।