मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार के दौरान व्यवस्था देखते प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में दवा होने के बावजूद मरीजों को बाहर से दवा लाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे मरीजों को उपचार कराने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। इमरजेंसी में स्टॉक में इंजेक्शन होने के बाद भी बाहर से मंगाया गया।
इमरजेंसी में मंगलवार की सुबह करीब 9:30 बजे ओमा देवी (65) निवासी नारायण नगर अपने बेटे के साथ पेट दर्द की दवा लेने के लिए पहुंचीं। चिकित्सकों ने पेट दर्द का रेनीटीडीन इंजेक्शन स्टॉक में न होने की बात कही और उनके बेटे अमित से बाहर से खरीदकर लाने के लिए कहा। बाहर से इंजेक्शन खरीदने के बाद स्टाफ ने बताया कि इंजेक्शन स्टॉक में पहले से था। इसी तरह से अन्य मरीजों को भी दवा न होने की बात कहकर बाहर से दवा मंगाई जाती है।
इससे मरीज उपचार के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं। इमरजेंसी विभाग में इस घटना को लेकर मरीजों और तीमारदारों में भी नाराजगी है। स्वास्थ्य विभाग में जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने इस मामले की जांच कराने के लिए आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि यह गंभीर लापरवाही है और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।