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पेट्रोल डलवाकर लौटते समय हुए हादसे के शिकार

Wed, 16 Mar 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा
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दोस्त का विवाद सुलझाकर लौट रहे थे तीनों - फोटो : अमर उजाला
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अमांपुर से सोमवार शाम दोस्तों के साथ लौटते वक्त जिस बाइक पर ऋषभ, निशांत, शिवांक सवार थे उसमें पेट्रोल खत्म हो गया था, जिसके चलते वो दूसरे दोस्तों से पीछे रह गए थे। तीनों बाइक में पेट्रोल डलवाने के बाद लौटते वक्त हादसे का शिकार हुए थे। मृतकों के दोस्त उसी दिन शाम को दोबारा नहर तक तीनों को देखने गए थे, लेकिन कोई पता नहीं चला। पुलिस की माने तो जिरसमी नहर पुलिया के समीप किसी वाहन की रोशनी बाइक चालक की आखों पर पड़ने से बाइक अनियंत्रित होकर नहर में गिरी। सभी दोस्त एक दोस्त को झगड़े से बचाकर लौट रहे थे।
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मोहल्ला कैलाशगंज में तीन व्यापारी पुत्रों की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। बुधवार सुबह शव पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हुई तो परिवार के लोगों को रोता देख हर किसी के आंसू छलक पड़े। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक  और इनके साथ दोस्त अलग-अलग बाइक से घर लौट रहे थे। जिरसमी नहर से कुछ दूर पहले ही शिवांग की बाइक की पेट्रोल खत्म हाने पर तीनों रुक गए, जबकि उनके साथी बाइक से आगे निकल कर पहले घर पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि तीनाें ने बाइक में 40 रुपये का पेट्रोल डलवाया और दोस्तों के सथ पहुंचने के चक्कर में तेजी से बाइक चलाने लगे।
रात करीब 8.30 बजे बीच में बाइक जिरसमी नहर स्थित मोड़ पर पहुंची और किसी वाहन की रोशन बाइक चालक के आंख पर पड़ने से बाइक अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। इसके चलते मृतकों के साथियों को हादसे का पता नहीं चला। तो जिरस्मी नहर की पुलिया भी टूटी हुई थी। पुलिस का दावा है कि काफी देर तक एटा नहीं पहुंचने पर उनके दोस्त नहर तीनों को देखने गए थे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बुधवार सुबह तीनों के शव नहर के अंदर एक किमी दायरे से बरामद हुए हैं, जबकि बाइक मंगलवार दोपहर ही बरामद हो चुकी थी।
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मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रह था निशांत
निशांत गुप्ता राजस्थान के कोटा शहर से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और कुछ दिनों पहले ही घर लौटा था। निशांत, ऋषभ, शिवांग अच्छे दोस्त थे। शिवांग ने इंटर की परीक्षा दी थी तो वहीं ऋषभ ने कक्षा नौ की परीक्षा दी थी।  

 
परिवार में इकलौता था ऋषभ
ऋषभ परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन थी। इकलौते पुत्र को खोने के बाद मां सुधा और पिता कैलाश सुध बुध खो बैठे हैं। बार-बार बेहोश हो रहे हैं। इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया।

खूनी पुल बन गया जिरसमी नहर पुल
पुल पर सड़क किनारे रेलिंग और ब्रेकर नहीं होने के अलावा पुल का एक कोना टूटने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। कुछ माह पहले ही जिरसमी पुल से गिरकर छह लोगों की जान गई थी।हाल में ही लगुन चढ़ाकर लौटते समय मैक्स पिकअप नहर में गिर गई। दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। इससे पहले भी कई वाहन नहर में गिर चुके हैं। ग्रामीण भारत कल्याण परिषद ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व भी आसपास के ग्रामीण हादसे होने पर निर्माण की मांग कर चुके हैं। राष्ट्रीयध्यक्ष कैलाश लोधी ने बताया कि जिरस्मी नहर पर ब्रेकर, रेलिंग और टूटा पुल निर्माण को लेकर आए दिन हादसे होते हैं।

कैलाशगंज से मंडी तक पसरा मातम
मृतक किशोरो के पिता आढ़त चलाते हैं। तीनों की मौत की सूचना के बाद मंडी में भी बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। ज्यादातर व्यापारी और उनके परिवार के लोग कैलाशगंज में मृतकों के रोते बिलखते परिवारीजनों को सांत्वना देते दिखाई दिए।
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