बिहार प्रांत की राजधानी पटना में शुक्रवार रात हुई गार्ड की हत्या कर एटीएम से कैश लूट की वारदात के बाद पुलिस महकमा सबक नहीं ले रहा। नोटबंदी के कारण एटीएम में कैश नहीं है, लेकिन जब कैश होता तो रात दस बजे के बाद एटीएम सेंटर के शटर डाउन मिलेंगे। शीत लहर में कचहरी रोड से लेकर सिविल लाइन तिराहे तक सन्नाटा होने से रात में खुलने वाले एटीएम पर लोग रुपये तक निकालने नहीं जाते। शहर के एटीएम की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
कचहरी सिविल लाइन तिराहे के पास केनरा बैक और एसबीआई के दो एटीएम हैं। लेकिन दोनों शाम 6.45 बजे एटीएम बंद थे और गार्ड नहीं थे। ये दोनो एटीएम सेंटर एसएसपी दफ्तर से चंद कदम दूर हैं। एटीएम के बराबर में केनरा और एसबीआई बैंक शाखा है। ऊपर के हिस्से में लीड बैंक मैनेजर का दफ्तर और केनरा बैंक कर रीजनल दफ्तर है। जीटी रोड पर सेंट्रल बैंक शाखा के बाहर लगे एटीएम में कैश नहीं था और शाम 7.15 बजे आधा शटर गिरा था और एटीएम के अंदर गार्ड था। आसपास पुलिस नहीं दिखी। हाईवे के किनारे रामदरबार के पास बैंक ऑफ इंडिया का एटीम है। एटीएम में कैश नही था, 7.30 बजे एटीएम खुला मिला, लेकिन गार्ड नहीं था। आगरा रोड आईसीआईसीआई और एक्सिस बैक एटीएम के एटीएम आसपास हैं। शाम आठ बजे दोनो एटीएम में कैश नहीं था, लेकिन एटीएम खुले थे और दोनों में से किसी एटीएम सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं मिला।