एटा। अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने ऐसा तेवर दिखाया कि आमजन पूरी तरह परेशान हो गया। शनिवार को सुबह 10 बजे के बाद जैसे-जैसे सूरज सिर चढ़ता गया धूप की तीव्रता बढ़ती चली गई। दोपहर तक हालात ऐसे बने कि लोग बाहर निकलने से कतराने लगे। सड़कों से लेकर बाजारों तक सन्नाटा पसरा रहा। भीषण गर्मी के बीच पारा 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे दिनभर लोग तपिश से जूझते रहे।अवागढ़ कृषि मौसम विज्ञान केंद्र प्रभारी एसके सिंह ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री दर्ज किया गया। शुक्रवार की तुलना में अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। तेज धूप के साथ हवा की रफ्तार भी 12 से बढ़कर 16 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म हवाओं और तेज धूप के हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में लू चलने की संभावना प्रबल है। गर्मी का असर खेतों में भी साफ दिखा। तापमान बढ़ने से किसान खेतों में काम करने से बचते नजर आए। अधिकांश किसान सुबह-सुबह ही आवश्यक काम निपटा कर दोपहर में घरों में आराम करते दिखे।
बाजारों में पसरा सन्नाटा
बाजारों में सुबह शाम भीड़ रही दोपहर के समय दुकानों पर ग्राहक न के बराबर पहुंचे। जो लोग जरूरी काम से निकले वे छांव व ठंडे पेय पदार्थों के सहारे राहत पाने की कोशिश करते रहे। बच्चों और बुजुर्गों पर गर्मी का असर अधिक देखने को मिला। जिला प्रशासन पहले से गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी कर बता चुका है। लोगों का कहना है कि अप्रैल में ही इतनी तीव्र गर्मी हो रही है मई-जून में तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
शाम को चली हवाओं ने बढ़ाई किसानों की चिंताः
शुक्रवार शाम मौसम में बदलाव हुआ तेज हवाओं ने लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत दी। वहीं मौसम के बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। खेतों में गेहूं की कटाई अंतिम दौर में है ऐसे खेतों में भूसा पड़ा हुआ है। कुछ राज्यों में बारिश की सूचना के बाद मौसम के बदलाव से किसान परेशान हो गए हालांकि शनिवार को मौसम गर्म रहा।