एटा। मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर कान, नाक व गला विभाग में शुक्रवार को मनोविकार से पीड़ित चिकित्सक ने मरीजों के साथ अभद्रता कर दी। इस मामले में प्राचार्य ने चिकित्सक को ईएनटी विभाग से हटा दिया है। दूसरे चिकित्सक को तैनात किया है।
मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में शुक्रवार को डॉ. कुनाल त्यागी ने मरीजों के साथ अभद्रता की। मामला मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह तक पहुंचा। प्राचार्य ने शनिवार को डॉ. कुनाल त्यागी को ईएनटी विभाग से हटा दिया। यहां पर डॉ. सुभांगी अग्रवाल को तैनात किया गया है। शनिवार को यहां पर 200 से अधिक मरीजों को डॉ. सुभांगी सहित डॉ. दीक्षा और डॉ. सलमान ने देखा। अधिकांश मरीज कान के पर्दे में छेद, गले में दर्द से परेशान थे।
डॉ. सुभांगी ने बताया कि मौसम बदलने की वजह से लोगों के गले में दर्द हो रहा है। लोग ठंडे पेय पदार्थ का अधिक सेवन कर रहे हैं। इससे गले में दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि कान के पर्दे में छेद के करीब 50 से अधिक मरीज उपचार लेने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं गले में दर्द के करीब 100 मरीज और छोटे बच्चों की नाक से खून आने के करीब 20 मामले आ रहे हैं। बताया कि छोटे बच्चे नाक में अंगुली डालते रहते हैं जिससे कभी-कभी खून आ जाता है।
इन बातों का रखें ख्याल
- ठंडे खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन न करें।
- कान के अंदर पानी न जाए, इसके लिए सावधानी बरतें।
- समस्या होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।