रेल बजट में जिले को स्थान नहीं मिलने से लोग मायूस हैं। रेल विस्तार के लिए आंदोलन चलाने वाले संगठन और उनके कार्यकर्ताओं में आक्रोश दिखाई दिया। अधिकांश ने इसका ठीकरा जन प्रतिनिधियों पर फोड़ा है।
नगर से दिल्ली जंतर-मंतर तक एटा में रेल विस्तार के लिए धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन देने वाले पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी ने कहा कि जिले के लाखों लोग एक बार फिर निराश हैं। एक दशक से रेल विस्तार के लिए आंदोलन चला रही सामाजिक संस्था लक्ष्य प्रमुख नीरज गुप्ता ने रेल बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि रेलमंत्री, प्रधानमंत्री तक सौंपे गए ज्ञापन बेअसर रहे। सरकार को जनता की सुध नहीं है। एटा-कासगंज रेल विस्तार की मांग को लेकर जनवरी माह में दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर धरना एवं रेल राज्यमंत्री को ज्ञापन देने वाली टीम के नेता मेधावृत्त शास्त्री ने रेल बजट को जिले के लिए निराशाजनक बताया। दो माह से अधिक रेल विस्तार के लिए अंादोलन चलाने वाली हाईटेक रेल विस्तार आंदोलन टीम के मुखिया अनुज गुप्ता भी रेल बजट से नाखुश हैं। उनका कहना है कि जिले के लाखों लोगों की आवश्यकताओं की उपेक्षा कर रही सरकार को इसका खामियाजा भुगतना होगा।