एटा। शहर में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी चल रहीं हैं। लेकिन अधिकांश संस्थानों में आग या किसी अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
अधिकत्तर कोचिंग संस्थान संकरी गलियों, आवासीय भवनों और व्यावसायिक दुकानों के ऊपर चल रहे हैं। अधिकांश केंद्रों में न तो अग्निशमन उपकरण हैं और न ही सुरक्षित निकासी के लिए मानक अनुरूप रास्ते उपलब्ध हैं। जिले में अग्निशमन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, केवल दो लाइब्रेरी संचालकों के पास ही फायर एनओसी है। इसके अलावा किसी भी लाइब्रेरी संचालक या कोचिंग संचालक के पास फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है। शिक्षा विभाग में कुल 75 कोचिंग और लाइब्रेरी पंजीकृत हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से एक के पास भी फायर एनओसी नहीं है।
केस-1ः शांति नगर की तंग गलियों में चल रही कोचिंगः
शहर के शांति नगर में तंग गलियों में कोचिंग संचालित हो रही है। यहां पर करीब 50 से अधिक कोचिंग संचालित हैं। इन कोचिंग की स्थिति यह है कि आपात स्थिति में निकासी के लिए कोई दूसरा गेट तक नहीं है। वहीं बिना फायर एनओसी के कोचिंग संचालित हो रही है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के ठीक सामने ही कंप्यूटर सेंटर संचालित हैं। यह सेंटर एक दुकान के अंदर संचालित हो रहा है। अगर कोई हादसा होता है तो विद्यार्थियों को निकलना मुश्किल हो जाएगा।
केस-2ः सात फीट चौड़ी गली में चल रही कोचिंगः
शांति नगर में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज से थोड़ा ही आगे चलकर एक इंग्लिस क्लासेंज संचालित हो रही है। यह कोचिंग करीब 7 फीट चौड़ी गली में एक मकान में संचालित हो रही है। इस गली में आगे जाकर एक मकान बना हुआ है जहां पर निकासी बंद हैं। गली में जाने के बाद व्यक्ति को वापिस ही लौटना पड़ता है। ऐसी तंग गली में इंगलिश की क्लासेज चल रही है। वहीं कोचिंग संचालक के पास कोई फायर एनओसी तक नहीं हैं।
केस-3ः अलीगंज में लाइब्रेरी में खतरे के बीच पढ़ाई
अलीगंज। कस्बे और आसपास संचालित अधिकांश कोचिंग संस्थान तथा लाइब्रेरी सुरक्षा मानकों की खुली धज्जियां उड़ा रहे हैं। यहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं रोजाना पढ़ाई करने पहुंचते हैं, लेकिन आग जैसी आपदा से निपटने के लिए बुनियादी इंतजाम तक मौजूद नहीं हैं। क्षेत्र में करीब 35 कोचिंग एवं लाइब्रेरी संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश में फायर एक्सटिंग्विशर तक नहीं मिले। कई संस्थानों में एक ही संकरे रास्ते से छात्रों का आवागमन होता है, जबकि आपातकालीन निकास की कोई व्यवस्था नहीं है। जांच के दौरान मोहल्ला काजी, मोहल्ला छेदालाल, गढ़ लोहड़ी दरवाजा, मोहल्ला राधाकृष्ण सहित अलीगंज के विभिन्न इलाकों में लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों में संचालित हो रहे हैं, जहां दर्जनों छात्र एक साथ बैठकर अध्ययन करते हैं। उप जिलाधिकारी अलीगंज जगमोहन गुप्ता ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा आवश्यक अग्निशमन उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा आगे भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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शांति नगर में 50 से अधिक कोचिंग सेंटर हो रहे संचालितः
शहर के शांति नगर में ही 50 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई केंद्रों में एक समय में 50 से लेकर 150 तक छात्र अध्ययन करते हैं। बावजूद इसके सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर लापरवाही देखने को मिल रही है। कुछ भवनों में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग है, जबकि आपदा प्रबंधन के नियमों के अनुसार वैकल्पिक निकासी मार्ग होना आवश्यक माना जाता है।
बोले लोग...
प्रशासन द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किए जाने के बावजूद कई संस्थान बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के कोचिंग संचालित हो रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों में भी इस स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है। कोचिंग में सुरक्षा व्यवस्था के पूरे इंतजाम होने चाहिए।
- राहुल कुमार, सकीट रोड
शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। किसी प्रकार की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। जिला प्रशासन को ऐसी तंग गली और मोहल्लों में चलने वाले कोचिंग के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए।
- पवन कुमार, शांति नगर
-वर्जन
शांति नगर में संचालित कोचिंग के खिलाफ अभियान चलाकर चेकिंग की जाएगी। इसके साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. इंद्रजीत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
शहर के शांति नगर में तंग गली में संचालित कोचिंग। संवाद- फोटो : अमर उजाला
शहर के शांति नगर में तंग गली में संचालित कोचिंग। संवाद- फोटो : अमर उजाला