मेडिकल कॉलेज में भर्ती बस हादसे में घायल यात्री। संवाद
- फोटो : samvad
एटा। बस के रुकने पर ज्यादातर पुरुष यात्री बाहर उतर गए थे, जबकि महिलाएं व कुछ अन्य यात्री भीतर ही बैठे थे। अचानक कंटेनर टकराने से तेज झटका लगा और सोते हुए यात्रियों की नींद टूट गई। घटनास्थल पर घुप अंधेरा था। हादसे के बाद कोई बहन अपने भाई को तलाश रही थी, तो कोई पिता अपने बेटे को। यात्रियों ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर अपनों को ढूंढना शुरू किया। हादसे में 10 वर्षीय वंश भी घायल हो गया। उसके हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। पिता दिवाकर बच्चे को गोद में लिए एंबुलेंस का इंतजार करते दिखे।
टायर देखने बस के नीचे घुसा यात्री भी घायल
बस के पहिये से आवाज आ रही थी। चालक के अनुसार यह आवाज बियरिंग कटने की थी। इसे देखने के लिए एक यात्री बस के नीचे घुस गया था। कुछ ही मिनट बाद कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी। वह यात्री भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
पॉवर हाउस का काम देखने नवाबगंज गया था सतेंद्र
हादसे में जान गंवाने वालों में बुलंदशहर के थाना स्याना अंतर्गत गांव भर्रा निवासी सतेंद्र (38) भी था। मौत की सूचना पर सुबह परिजन और परिचित एटा पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उसके साथी सुंदर सिंह ने बताया कि सतेंद्र फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का काम करता था। नवाबगंज के ओखरा में 400 केवी बिजलीघर का निर्माण हुआ है। सतेंद्र ने उसके साथ काम किया था। निर्माण कार्य का निरीक्षण करने टीम आई हुई थी और इसी सिलसिले में सतेंद्र नवाबगंज गया था। वहां से लौटते समय यह हादसा हो गया। सतेंद्र के परिवार में पत्नी, बेटी नैना और पांच साल का बेटा अक्षय है।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती बस हादसे में घायल यात्री। संवाद - फोटो : samvad