एटा। किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने व कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बुधवार को उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर सघन औचक निरीक्षण अभियान चलाया। क्रय-विक्रय केंद्र पर मिली गड़बड़ी पर संस्था को नोटिस दिया गया। बी-पैक्स निधौली पश्चिमी के सचिव को हटा दिया गया है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, एआर कोऑपरेटिव सतीश कुमार व उर्वरक पटल सहायक ने निरीक्षण की शुरुआत अलीगंज चुंगी स्थित क्रय-विक्रय केंद्र से हुई।
यहां गेहूं क्रय कार्य जारी पाया गया जबकि एनपीके की 512 बोरियां स्टॉक में मिलीं। बी-पैक्स अलीगंज चुंगी पर अभिलेख अपूर्ण पाए गए और उचित संधारण न किए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तक कड़ी चेतावनी दी।
इसके बाद टीम ने गुप्ता खाद भंडार, कृभको केंद्र शीतलपुर, इफको केंद्र मंडी समिति व एटा केंद्रीय थोक उपभोक्ता सहकारी भंडार का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया कि किसानों की पूरी जानकारी अभिलेखों में दर्ज करें, पीओएस मशीन से ही सत्यापन कर बिक्री करें, निर्धारित दरों पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं। अनियमित विक्रय, कालाबाजारी, जमाखोरी या बिना अभिलेख वितरण किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभी उर्वरक विक्रेताओं को कहा गया है कि वे स्टॉक रजिस्टर, विक्रय रजिस्टर, रेट सूची, पीओएस मिलान, खतौनी, आधार कार्ड और किसान आईडी संबंधित सभी अभिलेख संपूर्ण और अद्यतन रखें। उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन/ निरस्तीकरण, एफआईआर दर्ज करने तक की कार्रवाई की जाएगी। किसानों से अपील की गई कि आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक खरीदें और अनावश्यक भंडारण से बचें।