फोटो-1 मृतक रत्नेश कुमार का फाइल फोटो।
एटा। थाना जसरथपुर क्षेत्र के नगला उम्मेद तौसैया किसानन गांव में उपचार के दौरान 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। परिजन ने आरोप लगाया है कि गांव के एक झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रत्नेश कुमार (30) पिछले दो दिनों से बुखार से पीड़ित था। वह गांव के झोलाछाप के पास दवा लेने गया था। परिजन के अनुसार, उसने रत्नेश को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद रत्नेश की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसकी हालत गंभीर हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। परिजन उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद झोलाछाप अपना क्लीनिक बंद कर फरार हो गया।
मृतक के भाई बृजनेश ने आरोप लगाया कि इंजेक्शन के बाद ही उसकी हालत बिगड़ी। थाना पुलिस के मुताबिक, अभी तक घटना के संबंध में कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होने में मदद मिलेगी। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
ग्राम नगला उम्मेद तौसैया किसानन में उपचार के दौरान 30 वर्षीय बुखार पीड़ित युवक की इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई। इस मामले में कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी और दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ