एटा। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर मंगलवार को वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करना तथा समय पर जांच, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह के निर्देशन में किया गया। इस वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस-2026 की थीम के अनुरूप आइए हेपेटाइटिस समाप्त करें, जांच कराएं, उपचार कराएं, अपना स्वास्थ्य सुरक्षित रखें का संदेश आमजन तक पहुंचाया गया।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. योगेंद्र सिंह ने हेपेटाइटिस के विभिन्न प्रकार, संक्रमण के कारण, प्रमुख लक्षण, बचाव, टीकाकरण तथा समय पर जांच और उपचार के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस एक गंभीर लेकिन रोकथाम एवं उपचार योग्य बीमारी है। सुरक्षित रक्त का उपयोग, सुरक्षित इंजेक्शन, स्वच्छता का पालन, संक्रमित सुई और ब्लेड के इस्तेमाल से बचाव तथा समय पर टीकाकरण से इस रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने और आवश्यक जांच कराने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान जागरूकता पोस्टर और डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से हेपेटाइटिस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों से भ्रांतियों से दूर रहकर जागरूकता अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डॉ. हरी सिंह, नॉन मेडिकल साइंटिस्ट समीना चाहर, लैब टैक्नीशियन राहुल कृष्ण यादव, शिवांगी शाक्य सहित सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल कॉलेज के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में लोगों ने हेपेटाइटिस की रोकथाम और समय पर जांच के महत्व को समझने का संकल्प लिया।