एटा। जिले में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अंतिम चरण में है। इसके बावजूद करीब 77 हजार किसान अभी तक इस प्रक्रिया से बाहर हैं। कृषि विभाग ने 3 लाख 24 हजार 764 किसानों की रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा था, जिसमें से 2 लाख 47 हजार 5 किसानों का पंजीकरण हो चुका है।
उपकृषि निदेशक सुमित कुमार ने बताया कि प्रत्येक किसान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे कृषि संबंधी सभी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों की भूमि, फसल व अन्य विवरणों का सत्यापन होता है। इससे एक एकीकृत डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार जनजागरूकता अभियान चला रहा है।
करीब 12 हजार 472 किसान चकबंदी से जुड़े मामलों के कारण प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके हैं। वहीं, 806 किसानों के मामले अंश निर्धारण से संबंधित हैं, इनके राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट विवरण नहीं है। इसके अलावा, 7 हजार 230 किसानों के डेटा में मिसमैच की समस्या सामने आई है। बड़ी संख्या में ऐसे किसान भी हैं जो रोजगार या अन्य कारणों से जिले से बाहर रह रहे हैं।
सुमित कुमार ने कहा कि यदि किसानों ने समय रहते पंजीकरण नहीं कराया तो उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किस्तों सहित अन्य कृषि कल्याणकारी योजनाओं के लाभ में परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के साथ-साथ ई-केवाईसी अपडेट कराना भी जरूरी है। कृषि विभाग ने किसानों से जन सेवा केंद्रों, कृषि विभाग के कार्यालयों अथवा निर्धारित पंजीकरण केंद्रों पर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की है। विभाग का लक्ष्य जल्द से जल्द शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करना है।