दीपोत्सव के बाद दिल्ली और एनसीआर में छाई धुंध का असर शनिवार को शहर में देखने को मिला। वातावरण में धुंध और धुंए के चलते कोहरे जैसी स्थिति बनी रही। वातावरण में प्रदूषण बढ़ने से पूरे दिन कोहरा सा छाया रहा। वहीं सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हो सके।
पिछले दिनों दीपावली पर्व के बाद दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण की मात्रा में वृद्धि दर्ज की गई। जिले में भी वायु प्रदूषण में संस्पेंडेड पार्र्टीकल्स और मैटर की मात्रा में भी बढ़ोतरी हुई। यह मात्रा 94 से बढ़कर 120 तक पहुंच गई। इसके चलते शनिवार को धुंध छाई रही। सुबह-सुबह जब लोगों ने मौसम देखा तो कोहरा देख उन्होंने सर्दी की शुरुआत होने का अनुमान लगाया। लेकिन दोपहर होते-होते हालात बदलने लगे। दोपहर में धुंध तो छाई रही, लेकिन लोगों को गर्मी का अहसास होता रहा। इससे साफ जाहिर हुआ कि दिल्ली और एनसीआर का प्रदूषण एटा की ओर बढ़ चला है। प्रदूषण की जानकारी होते ही लोगों ने इंतजाम शुरू कर दिए। कोई घर से मास्क लगाकर निकला, तो किसी ने चेहरे और मुंह को कवर करना उचित समझा। आंखों में जलन और धुएं से एलर्जी की समस्या भी लोगों में देखी गई। वहीं इस दौरान दिन का तापमान अधिकतम 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डा. केपी सिंह ने बताया कि दीपावली के बाद प्रदूषण बढ़ा है। यह सर्दी नहीं धुंध का असर है। लोगों को इससे बचने की जरूरत है। डा. राजेश सक्सेना कहते हैं कि सर्दी की शुरुआत हो रही है, लेकिन प्रदूषण बढ़ने से धुंध बढ़ी है। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।