एटा। जीवन में प्रकृति का बहुत महत्व है। अभियान चलाकर शिक्षक इस बात को बच्चों को समझा रहे हैं। करीब 50 शिक्षक प्रकृति मित्र नाम से अभियान चला रहे हैं। इसके तहत विद्यार्थियों को पौधरोपण करा सुरक्षा का संकल्प दिलाया जाता है।
मिशन शिक्षण संवाद के तहत बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप चल रहा है। इस ग्रुप पर प्रकृति मित्र के नाम से अभियान चल रहा है। शिक्षकों ने बताया मित्रता जीवन का एक ऐसा संबंध है जो दो के बीच संपूर्ण भेद खत्म कर देता है। इसलिए प्रकृति और मनुष्य के बीच के भेद खत्म करने वाले संबंध को प्रकृति मित्र कहते हैं। इसके तहत अभियान की शुरुआत की गई।
विद्यार्थियों से पौधरोपण कराते हैं। बाद में उन्हें पौधे की सुरक्षा का संकल्प दिलाते हैं। वर्ष में एक बार पौधरोपण का कार्य करते हैं। पांच से 15 जून तक इसकी तैयारी कराते हैं। इसके बाद 15 अगस्त तक पौधे रोपित कराते हैं। 15 अगस्त के बाद रोपित गए गए पौधों की देखभाल 30 सितंबर तक की जाती है। एक व दो अक्तूबर को रोपित किए गए पौधों की सुरक्षा का संकल्प छात्राओं को दिलाते हैं।
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शिक्षकों को जाेड़ने की होती पहल
शिक्षकों ने बताया मिशन शिक्षण संवाद में बड़ी संख्या में शिक्षक जुड़े हुए हैं। ग्रुप पर प्रकृति प्रेम के बारे में उन्हें बताया जाता है। वहीं प्रकृति मित्र परिवार में शामिल होने के लिए कहा जाता है। इसके लिए वाट्सअप नंबर भी जारी किया जाता है।
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बोले शिक्षक
आजकल इतना प्रदूषण हो रहा है। इसको रोकने के लिए कहा जाता है लेकिन हकीकत में होता कुछ नहीं है। हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। ऑक्सीजन कहां से मिलेगी। इसको लेकर अभियान शुरू किया गया। विद्यार्थियों से पौधरोपण करा उन्हें रक्षा का संकल्प दिलाते हैं। उसके बारे में बताते हैं। लोगों से अपील है कि प्रकृति मित्र बनें।
शैलेंद्र कुमार यादव
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पौधों का जीवन में विशेष महत्व है। इन दिनों पौधों का दोहन किया जा रहा है। आने वाले समय में दिक्कतें होगी। इसके लिए अभी से हम सभी को सचेत होना पड़ेगा। प्रकृति के मित्र बनें। लोगों से अपील है जीपन में पौधरोपण जरूर करें।
विजय कुमारी