एटा। हर साल लाखों पौधे रोपे तो जाते हैं, लेकिन उनके रखरखाव की व्यवस्था नहीं हो पाती। पिछले साल के पौधरोपण में भी ऐसा ही हुआ। करीब 23.43 लाख पौधे लगा तो दिए गए, लेकिन इनमें से आधे भी नहीं बचे। एक बार फिर पौधरोपण का मौसम आ गया है। इस बार 22.06 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।हर साल पूरे प्रदेश में वृहद स्तर पर वन महोत्सव मनाकर पौधे लगाने का अभियान चलाया जाता है। एटा में भी पूरे जोश के साथ प्रशासनिक अमला और निजी क्षेत्र के लोग भी जुटते हैं। 2023 में जिले को 23.43 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी पौधे लगाने में जुटे थे।
दावा है कि लक्ष्य पूरा भी कर लिया गया, लेकिन पौधे लगाने के बाद उनकी ओर किसी ने मुड़कर नहीं देखा। ऐसे में कहीं गर्मी से वो दम तोड़ गए तो कहीं पशुओं ने क्षतिग्रस्त कर दिए। आधे पौधे भी अब जीवित नहीं हैं। डीएफओ सुंदरेशा का कहना है कि इस बार पौधे लगाने के साथ ही उनको संरक्षित करने पर भी जोर दिया जाएगा। जिससे वह पेड़ का रूप ले सकें।
इस बार ये है विभागवार लक्ष्य
ग्राम्य विकास विभाग : 12.69 लाख
कृषि विभाग : 2.54 लाख
उद्यान विभाग : 1.57 लाख
पंचायती राज विभाग : 1.29 लाख
राजस्व विभाग : 1.07 लाख
पर्यावरण विभाग : 93 हजार
नगर विकास विभाग: 24 हजार
बेसिक शिक्षा विभाग: 12 हजार
माध्यमिक शिक्षा विभाग : 8 हजार
उच्च शिक्षा विभाग : 22 हजार
प्राविधिक शिक्षा : 6 हजार
लोक निर्माण विभाग : 16 हजार
उद्योग विभाग : 14 हजार
स्वास्थ्य विभाग : 11 हजार
पशुपालन विभाग : 7 हजार
जल शक्ति विभाग : 17 हजार
गृह विभाग : 8540
श्रम विभाग : 3400
परिवहन विभाग : 3200