बीता एक साल किसानों के लिए मुश्किल भरा रहा है। पहले खरीफ की फसल सूखा से
बर्बाद हो गई। इसके बाद रबी की फसल बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से प्रभावित
हुई। अब आने वाले छह महीने भी मुश्किलों भरे रह सकते हैं। मौसम विभाग के
आंकड़ों के हिसाब से मानसून फसलों के लिए प्रतिकूल रहने की आशंका जताई है।
बर्बाद हुई फसलों की वजह से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराया है। हाल
अब यह है कि किसी की बेटी का रिश्ता टूट गया तो किसी के बाहर पढ़ रहे
बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई।
तहसील सदर व विकास खंड मारहरा के गांव मिरहची निवासी अमर सिंह कश्यप के
पास 20 बीघा जमीन है। इसके अलावा वे पट्टे पर भी जमीन लेकर खेतीबाड़ी करते
हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पहले बरसात न होने की वजह से खरीफ की फसल
बर्बाद हो गई। अब रबी की फसल बेमौसम बरसात से तबाह हुई है। इसके चलते उनके
सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। उन्होंने बताया कि पैसे की तंगी की वजह
से वे अपनी बेटी को आगे नहीं पढ़ा रहे हैं। उनकी बेटी ने बीपीएड कर लिया
है। वह एमपीएड करना चाहती है। उनकी बेटी भी उदास रहने लगी है। यही कहानी
लालपुर देहमाफी के किसान भीकम सिंह की है, उनका बेटा पालीटेक्निक करने के
लिए बाहर जा रहा था, लेकिन रुपये के अभाव में वह बाहर नहीं जा पा रहा है।
लालपुर
देहमाफी के किसान बृजेश सिकरवार ने बताया कि इस वर्ष वह अपनी बिटिया के
हाथ पीले करना चाहते थे, लेकिन फसलों में हुए नुकसान की वजह से इस वर्ष ऐसा
कर पाना मुश्किल नजर आ रहा है। इससे रिश्ता टूटने की आशंका है।