एटा। जिले में शुक्रवार की रात बारिश हुई। इससे शहर से लेकर देहात तक विद्युत आपूर्ति चरमरा गई। शहर में 2 घंटे तो अलीगंज क्षेत्र में 14 घंटे बिजली गुल रही। मारहरा, मिरहची, जलेसर क्षेत्र में भी बारिश के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई।
शक्रवार की रात 9:30 बजे से हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई। कुछ समय बाद तेज हो गई। करीब 12 बजे शहर में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि आधे शहर में 30 मिनट बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई। शेष शहर में करीब दो घंटे के बाद आपूर्ति सुचारू हो पाई। बताया गया कि बारिश से फाॅल्ट की समस्या हो गई थी।
इसके चलते आपूर्ति बाधित हुई थी। हालांकि अधिशासी अभियंता शहरी दीपांशु सहाय ने बताया करीब एक घंटे तक कुछ मोहल्लों में आपूर्ति बाधित हुई थी।
अलीगंज क्षेत्र की बात करें तो बारिश के दौरान मोहल्ला राधाकृष्ण स्थित विद्युत सब स्टेशन से ट्रांसफॉर्मर के लिए गई लाइन फुंक गई। जिसके चलते शुक्रवार की रात करीब 11 बजे से शनिवार की दोपहर 1 बजे तक आपूर्ति बाधित रही। इससे कस्बे के उपभोक्ताओं को 14 घंटे बाद बिजली की आपूर्ति मिल सकी। सुबह के समय लोगों को पानी की विशेष समस्या रही। एसडीओ अतुल कुमार ने बताया कि लाइन में फाॅल्ट हो जाने के कारण आपूर्ति बाधित हुई थी। एटा से विद्युत केबल मंगाई गई। इसके बाद लाइन को दुरुस्त कराया गया। निधौलीकलां में जैसे ही शुक्रवार को बारिश शुरू हुई आपूर्ति ठप हो गई। अन्य स्थानों पर भी व्यवस्था प्रभावत हुई।
कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्र में शुक्रवार रात तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इसके चलते रात करीब 1 बजे पूरे क्षेत्र की बिजली बाधित हो गई। शनिवार सुबह से ही विद्युत कर्मचारी लाइन को सही करने में जुटे रहे। लेकिन 11 बजे तक आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई। इस समय तक घरेलू जरूरत के लिए लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। लोगों ने बताया कि बिजली न होने के कारण घर में पानी की बहुत समस्या आ गई। कई बार लाइनमैन को फोन किया तो बताया गया कि 33 केवीए की लाइन पर फाॅल्ट हो गया है। एसडीओ अलीगंज अतुल कुमार ने बताया कि तेज आंधी की वजह से 33 केवीए का इंसुलेटर टूट गया था, जिसकी वजह से विद्युत सप्लाई बाधित हो गई थी। सही कराने के बाद विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी गई।
कस्बा में शनिवार को दिन भर आकाश में बादल छाए रहे। इससे सर्दी बढ़ गई। हालांकि, लोगों का कहना है कि सर्दी पड़ना जरूरी है। दिसंबर में हर साल जिस तरह सर्दी पड़ती है, इस बार शुरूआत तक नहीं हुई। सर्दी नहीं बढ़ी तो फसलों में पैदावार कैसे मिल पाएगी।