एटा। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुधवार सुबह डॉक्टर से परामर्श के लिए 45 मिनट से लाइन में खड़े 74 वर्षीय एक बुजुर्ग बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। आनन-फानन उन्हें इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गांव कुतुबपुर निवासी मृतक जवाहरलाल तीन दिन से बुखार से पीड़ित थे और दवा लेने मेडिकल कॉलेज आए थे।
बेटे राम खिलाड़ी ने बताया कि बुजुर्ग पिता अक्सर बीमार रहते थे। तीन दिन से उन्हें बुखार आ रहा था। डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने वह बुधवार सुबह 9 बजे गांव से निकले थे। उनका भतीजा पवन होमगार्ड है। वह प्रतिदिन गांव से एटा ड्यूटी पर आता है। उसी की बाइक पर सवार होकर वह मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
जवाहरलाल ने पहले काउंटर पर पर्चा बनवाया, इसमें करीब 15 मिनट लगे। फिर भूतल पर मेडिसिन विभाग की ओपीडी (कमरा नंबर-5) में पहुंचे, जहां मरीजों की लंबी कतार थी। औसतन 400 से अधिक मरीज यहां प्रतिदिन परामर्श लेने आते हैं। जवाहरलाल 9:50 बजे लाइन में लगे और 10:35 बजे बेहोश होकर जमीन पर गिर गए।
सिक्योरिटी गार्ड और स्टाफ के अन्य लोग उन्हें उठाकर इमरजेंसी में ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके पास एक थैला और जेब में 1540 रुपये थे। थैले में रखे एक कागज पर बेटे का नंबर लिखा था, जिस पर फोन कर उन्हें सूचना दी गई। इमरजेंसी पहुंचे परिजन शव को बिना पोस्टमार्टम कराए घर चले गए। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया।
बुजुर्ग मरीज की मौत के संबंध में जानकारी की गई। वह बुखार से पीड़ित थे। उसी की दवा लेने आए थे। दवा लेकर लौटने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। - डॉ. बलवीर सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज