एटा। पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती, इसका उदाहरण रविवार को देखने को मिला। उम्र के आखिरी पड़ाव पर साक्षर बनने की ललक लिए 3094 बुजुर्ग महिला-पुरुष स्कूलों में पहुंचे और नव साक्षर परीक्षा दी। 980 केंद्रों पर यह परीक्षा हुई।
नव भारत साक्षरता अभियान के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग 3222 निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए चिह्नित किया गया। इसमें बुजुर्गाें और महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा थी। अभियान के दौरान निरक्षरों को हिंदी, गणित, मात्रा ज्ञान, स्वर परिचय, संयुक्त वर्ण परिचय, आओ शब्द बनाएं, संख्या ज्ञान, गिनती, जोड़-घटाना, गुणा-भाग करना सिखाया गया।
रविवार को 980 परीक्षा केंद्रों पर नव साक्षरों की परीक्षा हुई। केंद्रों पर सुबह से ही बुजुर्ग और महिलाएं हाथ में कलम लेकर पहुंचे। सर्वाधिक नव साक्षरों ने शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के विद्यालयों में परीक्षा दी। सबसे कम सकीट ब्लॉक क्षेत्र के नव साक्षरों ने परीक्षा दी। कुल 3222 निरक्षरों को चिह्नित किया गया था। इसमें से 3094 ने परीक्षा दी। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत परीक्षा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुई।
घूंघट की ओट में हल किए सवाल
नव साक्षर परीक्षा देने वालों में महिलाओं की खासी संख्या थी। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं अपने घर के बुजुर्गाें के साथ परीक्षाएं देने आईं। महिलाओं ने घूंघट की ओट में सवाल हल किए।