एटा। फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले जिले के 87 शिक्षक-शिक्षिकाओं से 27 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी की जाएगी। इनके द्वारा वेतन, भत्तों की राशि का आंगणन करने में जुटे विभाग ने पांच लोगों को बुधवार को रिकवरी नोटिस भी जारी कर दिए हैं।
एसआईटी जांच में चिन्हित फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले 87 शिक्षक-शिक्षिकाओं की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बर्खास्तगी, प्राथमिकी के बाद अब विभाग वेतन, भत्तों के रूप में लिए गए धन वसूलने की तैयारी में है। एक दशक तक विभाग की आंखों में धूल झोंकते रहे इन लोगों द्वारा लिए गए वेतन, भत्तों का आंगणन लेखा विभाग कर रहा है। वहीं चार शिक्षिकाओं सहित पांच के वेतन, भत्तों का ब्योरा मिलते ही लेखाधिकारी ने बुधवार को रिकवरी नोटिस जारी कर एक सप्ताह में धनराशि राजकोष में जमा करने के निर्देश दिए हैं। राशि जमा न होने पर इनके विरुद्ध आरसी की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला
एसआईटी जांच में जिले के 120 शिक्षक-शिक्षिकाओं को फर्जी डिग्री एवं टेंपर्ड मार्कशीट मामले में चिन्हित किया गया है। इनमें 87 फर्जी डिग्री एवं 33 मामले हेराफेरी के हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने इनमें से 116 को बर्खास्त कर प्राथमिकी दर्ज करा दी है। वहीं लेखा विभाग इनके द्वारा अर्जित किए गए वेतन, भत्ते एवं अन्य वित्तीय लाभ के आंगणन में जुटा है।
- शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा सेवाकाल में लिए गए वेतन, भत्तों की रिकवरी का आंगणन कर रिकवरी का नोटिस जारी किया जाएगा। राशि राजकोष में जमा न होने पर इनके विरुद्ध आरसी जारी कर राजस्व विभाग को वसूली का अधिकार दिया जाएगा। - नरेंद्र सिंह, लेखाधिकारी।