एटा। बेटी को ससुराल से पहली बार लेने गए पिता को बंधक बना लिया गया। वहीं सूचना मिलने के बाद गांव पहुंची पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया गया। पुलिस ने किसी तरह पिता और उसकी पुत्री को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया। पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
थाना सकरौली क्षेत्र के गांव टिपरिया निवासी सोनू उर्फ लुक्का पुत्र जयपाल की शादी 24 जून को निशा पुत्री सज्जन सिंह निवासी फिरोजाबाद के साथ हुई थी। शादी के बाद निशा को लुक्का पसंद नहीं आया था, इसकी वजह से अनबन होती रहती थी। मंगलवार को बेटी को ससुराल से पहली बार लेने के लिए सज्जन सिंह पहुंचे तो उसके साथ निशा को नहीं भेजा गया। साथ ही उनको बंधक बनाकर पिटाई भी की गई। सूचना पर जब पुलिस गांव पहुंची और पीड़ित व उसकी बेटी को मुक्त कराने का प्रयास किया।
इसी दौरान सोनू उर्फ लुक्का सहित परिवार के काफी लोग एकराय होकर आ गए और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान पहले ईंट-पत्थर फेंके गए और बाद में फायरिंग कर दी। पुलिस ने किसी तरह से अपनी जान बचाई और पिता-पुत्री को मुक्त कराया। दरोगा रघुवीर सिंह की ओर से सोनू उर्फ लुक्का, जयपाल, कटोरी देवी, रेनू, राकेश सहित 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। प्रभारी निरीक्षक कृतपाल सिंह ने बताया कि लड़की लुक्का को पसंद नहीं करती है। लुक्का आदि को लग रहा था कि एक बार लड़की मायके गई तो फिर लौटकर नहीं आएगी। इसी वजह से पिता-पुत्री को बंधक बना लिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
- नवविवाहिता को लेकर ग्रामीणों के बीच गलतफहमी पैदा हो गई थी और उसके पिता को बंधक बनाकर पीटा गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर पथराव किया गया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दबिश दी जा रही है। - ओपी सिंह, एएसपी।
जिला में कई बार हो चुके हैं पुलिस पर हमले
एटा। जिले में कई बार पुलिस टीम पर जानलेवा हमला हो चुके हैं। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी करती है लेकिन लोग कानून को अपने हाथ में लेने से नहीं कतराते हैं। ताजा मामले में भी पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी हुई है।
थाना सकरौली क्षेत्र के गांव टिपरिया में मंगलवार को पुलिस टीम पर हमला हुआ। इसी गांव में छह जनवरी 2020 को उस समय हमला किया गया। जब गांव के ही राजेश पुत्र डिप्टी सिंह और जयपाल के बीच जमीन को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए लगी हुई थी। वहीं 12 मार्च को कोतवाली देहात के गांव मरथरा में पुलिसकर्मियों को पीटा गया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भी भेजा गया। 12 अप्रैल को बागवाला क्षेत्र के गांव लोया बादशाहपुर में पुलिस बल पर हमला किया गया। छह जून को थाना सकीट क्षेत्र के गांव कौंची डेरा में झगड़े की सूचना पर पुलिस पहुंची तो वहां ग्रामीणों ने हमला कर दिया।