निरीक्षण करते डीआईओएस एमपी सिंह
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एटा। बोर्ड परीक्षा ड्यूटी करने वालों का ब्योरा परीक्षा केंद्रों को ऑनलाइन करना होगा। प्रतिदिन की परीक्षा की सूचना के साथ ही पूरी परीक्षा में रहे कुल कक्ष निरीक्षक, लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सूची भी साइट पर देनी होगी। ताकि इनका पारिश्रमिक इनके खातों में सीधा भेजा जा सके।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षाओं की पारदर्शिता के साथ ही ड्यूटी एवं पारिश्रमिक में होने वाले खेल पर भी लगाम लगा दी है। अब केंद्र अलग से परीक्षा पारिश्रमिक प्रस्तुत नहीं करेंगे। वरन प्रतिदिन लगी ड्यूटी का ऑनलाइन ब्योरा ही उनका पारिश्रमिक का आधार बनेगा। इतना ही नहीं कक्ष निरीक्षकों के विद्यालयों का भी पता चलेगा।
सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने निर्धारित प्रारूप पर परीक्षा के दौरान ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के नाम, विद्यालय के नाम एवं उनके खाता संख्या मांगे हैं। ताकि उनका पारिश्रमिक सीधे खातों में भेजा जा सके। बताते चलें कि जिले के 82 परीक्षा केंद्रों पर तीन हजार से अधिक शिक्षकों ने परीक्षा ड्यूटी की है।
फर्जीवाड़ा भी रुकेगा
इस आदेश के बाद केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा दिए जाने वाले फर्जी बिलों पर भी लगाम लगेगी। साथ ही वे कक्ष निरीक्षकों का भी शोषण नहीं कर सकेंगे। आरोप है कि केंद्र व्यवस्थापक कम कक्ष निरीक्षक लगाकर अधिक का बिल प्रस्तुत करते हैं। स्कूल खाते में आने वाले हजारों रुपये के पारिश्रमिक को हड़प जाते थे।
49 परीक्षा केंद्रों ने नहीं दी ऑनलाइन सूचना
एटा। बोर्ड के आदेश के बाद भी जिले के 49 परीक्षा केंद्रों ने परीक्षा ड्यूटी पर रहे कक्ष निरीक्षक, लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का ब्योरा ऑनलाइन नहीं दिया है। इतना ही नहीं 15 परीक्षा केंद्रों ने मात्र पांच या छह शिक्षकों का ही डाटा अपलोड किया है।
आदेश के बाद भी सूचना न देने वाले परीक्षा केंद्रों को पुन: चेतावनी जारी कर दी गई है। बृहस्पतिवार तक सूची ऑनलाइन न करने वाले परीक्षा केंद्रों को पारिश्रमिक नहीं मिल सकेगा। इसके लिए वे स्वंय जिम्मेदार होंगे।
एमपी सिंह, डीआईओएस