एटा। एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजूकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग) द्वारा जारी कक्षा 3 की कला विषय की पुस्तक (बांसुरी) में प्रकाशित राष्ट्रगान में 18 त्रुटियां हैं। शिक्षा विभाग ने इसे मानते हुए अगले-अगले संस्करण में सुधारने की बात कही है जो अब अगले सत्र में ही छपेगा। इस सत्र में शुद्ध राष्ट्रगान पढ़ाने-सिखाने की जिम्मेदारी शिक्षकों की रहेगी।
कला विषय की हिंदी में प्रकाशित पुस्तक का पाठ 6 हमारा राष्ट्रगान है। इसमें प्रकाशित राष्ट्रगान में कई शब्द, योजक चिह्न, अर्द्धविराम और पूर्ण विराम की गलतियां हैं। कक्षा 3 की इसी विषय की अन्य भाषाओं की पुस्तकों में भी प्रकाशित राष्ट्रगान में त्रुटियां हैं। अंग्रेजी भाषा में तो हिंदी भाषा की पुस्तक को भी पछाड़ दिया है। इसमें कुल 23 त्रुटियां प्रकाशित हैं। अन्य भाषाओं की किताबों का भी यही हाल है। इन त्रुटियों को देख शहर के अवंतीबाई नगर निवासी शिव कुमार ने पहले गृह मंत्रालय से सूचना मांगी।
वहां से उन्हें राष्ट्रगान भेजा गया। इससे मिलान करने पर पुस्तकों में गलतियां पुष्ट हुईं। इसके बाद राष्ट्रपति, गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय को इस संबंध में शिकायत भेजी। एनसीईआरटी कला एवं सौंदर्यबोध शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योत्स्ना तिवारी ने जवाब में उन्हें पत्र भेजा है। माना है कि अशुद्धियों को अंकित कर लिया गया है। पाठ्य पुस्तक के अगले संस्करण में इसे संशोधित किया जाएगा। साथ ही अशुद्धियों को सुधारने के लिए सूचना भेजने पर आभार भी जताया है। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया जाएगा कि मूल और शुद्ध राष्ट्रगान ही बच्चों को पढ़ाया, सिखाया जाए।