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धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर को ही नहीं मिली मदद

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एटा। रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए जिला अस्पताल के एक चिकित्सक भटकते रहे। उन्हें देर रात इटावा से इंजेक्शन मिला, लेकिन देरी के चलते संक्रमित चिकित्सक पत्नी की मौत हो गई।
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अलीगढ़ निवासी चिकित्सक यहां जिला अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता हैं। जबकि उनकी चिकित्सक पत्नी अलीगढ़ में प्राइवेट नर्सिंग होम चलाती हैं। 20 अप्रैल को वह व उनकी चिकित्सक पत्नी सहित बच्चे कोरोना पॉजिटिव आए। सभी लोग होम आइसोलेट हो गए। बुधवार को महिला चिकित्सक की हालत बिगड़ने पर अलीगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरुरत पड़ी। अलीगढ़ में इंजेक्शन न मिलने पर वह पत्नी को एटा लेकर आए और बागवाला कोविड अस्पताल में भर्ती कराया।
लेकिन यहां भी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं थे। कई जिलों में वह संपर्क करते रहे। इटावा से सकारात्मक जवाब मिला तो आधी रात के बाद वहां गए। इंजेक्शन लाकर लगा तो दिया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। इंजेक्शन से लाभ नहीं मिला और उनकी पत्नी का बृहस्पतिवार तड़के निधन हो गया।
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अलीगढ़ भेजे गए 30 इंजेक्शन
बीते दिनों जिले को 100 रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले थे। अलीगढ़ यहां से 30 इंजेक्शन भेज दिए गए। बाकी बचे 70 इंजेक्शन मरीजों के लग चुके हैं। इस समय जिले में एक भी इंजेक्शन नहीं हैं।
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रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले थे, जो विभिन्न मरीजों को लगाए जा चुके हैं। वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं। शासन को मांग भेजी गई है।
- डॉ. अरविंद गर्ग, सीएमओ
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राघवेंद्र तिवारी
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