एटा। शहर के जीटी रोड पर कार्यदायी संस्था जल निगम द्वारा शनिवार से हाथी गेट से बस स्टैंड तक सीवर लाइन खोदाई का काम शुरू कराया गया। लेकिन खोदाई के पहले ही दिन अव्यवस्थाएं हावी हो गईं। रूट डायवर्जन में बरती गई लापरवाही के चलते जीटी रोड पर बार-बार जाम लगता रहा। भारी वाहन रोके गए न ही रोडवेज बसों को रोका गया। लोगों को तेज धूप में जाम का सामना करते हुए पसीना बहाना पड़ा।
सीवर लाइन खोदाई के लिए जल निगम की ओर से घंटाघर से नगर पालिका परिषद तक जीटी रोड को एक ओर से बंद कर दिया गया है। डिवाइडर के दूसरी ओर की पटरी पर दोनों ओर का यातायात संचालित कराया गया। इस दौरान शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया। जिससे जाम की गंभीर स्थिति बन गई। हाथी गेट चौराहा से अलीगंज मार्ग तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं दूसरी ओर ठंडी सड़क तिराहे तक वाहन जाम में फंसे रहे।
जल निगम ने सीवर लाइन खोदाई के दौरान रोडवेज बसों को बस स्टैंड तक आने के लिए प्रतिबंधित किया था। बसों को रेलवे पुल स्थित शहीद स्थल पर रोकने की व्यवस्था थी। वहीं से इन्हें बाईपास के माध्यम से दिल्ली व कानपुर के लिए रवाना किया जाना था। लेकिन इस पर भी काम नहीं हो सका और बसें प्रतिबंधित क्षेत्र में आवागमन करती रहीं।
हाथी गेट चौराहा पर सुबह करीब दस बजे अचानक से जाम लगने की वजह से यातायात पुलिसकर्मी जाम हटाने में जुटे रहे। यहां तक होमगार्ड भी वाहन चालकों को एक कतार में चलने के लिए कहते नजर आए।
बोले लोग, प्रशासन करे पुख्ता व्यवस्था
जल निगम द्वारा सीवर लाइन की खोदाई से पहले लोगों के निकलने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। इसकी वजह से जाम की स्थिति बनी है। शहर में दवा लेने के लिए आए थे।
अशोक शाक्य, मलावन
सीवर लाइन खोदाई के दौरान जीटी रोड पर लंबा जाम लगा हुआ था। करीब एक घंटे में पांच सौ मीटर की दूरी तय कर पाई। प्रशासन को पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए।
प्रशांत कुमार, जीटी रोड
सीवर लाइन की खोदाई के दौरान शहर में भारी वाहनों को प्रतिबंधित करने के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया है। वहीं रोडवेज बसों को शहीद स्थल पर रोकने के लिए एआरएम से भी कहा गया है। जल्द ही नियम का पालन कराया जाएगा।
रवींद्र सिंह, सहायक अभियंता, जल निगम