थाना मलावन क्षेत्र के गांव पुरा निवासी रामेंद्र सिंह ने बताया कि बेटा रमन का लगभग 3 वर्ष से परिवार की ही चाची रोशनी के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। कई बार समझाने के बाद भी दोनों लोग नहीं माने तो रमन का विवाह एक दूसरी लड़की के साथ लगभग 6 माह पूर्व कर दिया। उसके बाद भी इनके बीच प्रेम-प्रसंग कायम रहा। मंगलवार को गांव में दावत थी और दोनों वहां मिलने के बाद लापता हो गए। रात के 12 बजे तक इनको परिजन ने ढूंढ़ा मगर कोई सुराग नहीं लगा।
सुबह लगभग 5:30 बजे कोतवाली देहात के गांव सरदलगढ़ की सीमा में एक पेड़ पर दो शव लटके होने की सूचना मिली तो गांव पुरा के प्रधान योगेश राजपूत व अन्य लोग मौके पर पहुंचे। देखा तो एक ही साड़ी के दोनों छोर का फंदा बनाकर रमन और रोशनी लटक रहे थे। इनके शरीर कमर पर शॉल से एक दूसरे के साथ बंधे हुए थे। पुलिस के साथ पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए।
'अगले जन्म में जरूर होंगे...' कहते हुए चाची की मांग में भरा सिंदूर
गांव पुरा के प्रधान ने बताया कि रमन व उसकी पारिवारिक चाची के बीच संबंध को खत्म करने के लिए दोनों को समझाया गया। इसके लिए तीन वर्ष में लगभग पांच बार पंचायत हुई। मगर दोनों को अलग करने में सफलता नहीं मिली। मंगलवार की रात 'इस जन्म में एक नहीं हो सके तो क्या अगले में जरूर होंगे...', कहते हुए रमन ने चाची रोशनी की मांग में सिंदूर भरा। इसके बाद फंदा लगाकर दोनों ने एक साथ जान दे दी।
गांव पुरा के प्रधान योगेश राजपूत ने बताया कि रोशनी ने गांव के ही जोगेंद्र के साथ 2016 में प्रेम विवाह किया था। इनके एक बेटा और दो बेटी सहित तीन बच्चे हैं। इसके बाद भी रोशनी को सामने ही रहने वाले रिश्ते के भतीजे रमन से प्यार हो गया। लगभग तीन वर्ष से दोनों एक दूसरे के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
इस बीच परिजन, ग्रामीण और रिश्तेदारों ने लगभग पांच बार पंचायत करते हुए दोनों को समझाने का प्रयास किया गया। इसके बाद भी यह लोग नहीं माने और मंगलवार की रात फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली।
सीओ सकीट कीर्तिका सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारा। रमन के पास से एक मोबाइल, ब्लूटूथ और सिंदूर की डिब्बी बरामद की गई है। मामले की जांच की जा रही है, रिपोर्ट आने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
इकलौते बेटे के मौत के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। बहन रो-रोकर भाई को बुला रही हैं। रमन की मां बीना देवी की लगभग 10 वर्ष पूर्व जीटी रोड पर हुए सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इनकी दूसरी मां से दो बेटियां हैं।
50 बीघा जमीन, फिर भी ऑटो मोबाइल की दुकान पर करता था नौकरी
रामेंद्र ने रोते हुए बताया कि बेटा रमन शहर के आगरा रोड स्थित ऑटो मोबाइल की दुकान पर काम करता था। 50 बीघा जमीन का इकलौता वारिस था। महिला से प्रेम के चलते वह सब को भूल गया। मंगलवार की रात उसे फोन कॉल पर रो-रोकर बुलाया मगर वापस नहीं आया।
टाइम लाइन
मंगलवार की शाम 7 बजे रमन घर से निकला।
शाम 7:30 बजे रोशनी भी घर से निकल गई।
रात 8 बजे तक दोनों को गांव में चल रही दावत में देखा गया।
रात 9 बजे गांव से निकल गए, रमन ने पिता की फोन कॉल नहीं उठाई।
रात 10:13 बजे कई बार कॉल करने पर रमन ने बात की।
रात 10:15 पर फोन कॉल के माध्यम से एटा महोत्सव में घूमने की बात कहते हुए सुबह घर लौटने को कहा।
बुधवार की सुबह लगभग 7:30 बजे गांव सरदलगढ़ की सीमा में दोनों पेड़ पर साड़ी के फंदे से लटके मिले।
सुबह 8 बजे परिजन ने डायल-112 पर कॉल कर सूचना दी।
सुबह 8:10 पर पीआरवी-112 और सेंथरी चौकी प्रभारी निश्चल सोलंकी मौके पर पहुंचे।
सुबह 8:20 पर सीओ सकीट कीर्तिका सिंह पहुंची। साथ ही फोरेंसिक व डॉग स्क्वाड ने जांच शुरू की।