एटा। बारिश में उमस भरी गर्मी त्वचा रोगों की वाहक बन रही है। फंगल संक्रमण, लाल दाने, दाद-खाज से लोग परेशान हैं। 15 दिनों में मरीजों की संख्या दोगुनी तक हो गई है। इन दिनों 400 तक मरीज मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। पिछले माह में यह संख्या औसतन 200 प्रतिदिन थी।
मेडिकल कॉलेज में त्वचा रोग विभाग की एचओडी डॉ. प्रीती ने बताया कि गर्मी में पसीने से त्वचा फंगल संक्रमण हो जाता है। इससे दाद, खाज, खुजली, शरीर पर दाने निकल आते हैं। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। उमस के कारण होने वाले त्वचा रोगों से बचने के लिए लोगों को रोजाना नहाना चाहिए। शरीर को अच्छी तरह तौलिए से सुखाकर ही कपड़े पहनने चाहिए। कहीं तेल न लगाएं, इससे दाद-खुजली बढ़ सकती है।