एटा। राजस्व विभाग में चकबंदी विभाग के विलय के विरोध में गुरुवार को राजस्व महासंघ और कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के तहत कर्मचारियों ने हड़ताल की। इस कारण जिले के कलक्ट्रेट और तहसील स्थित सरकारी कार्यालयों पर ताले लटके रहे। कर्मचारियों-अधिकारियों ने डीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कलक्ट्रेट पार्क में धरने के दौरान जिला राजस्व महासंघ के अध्यक्ष और तहसीलदार दुर्गेश यादव ने कहा कि राजस्व विभाग ने यह मान लिया है कि चकबंदी विभाग निष्प्रयोज्य है, लेकिन प्रदेश में अभी भी किसानों की छोटी जोतें हैं। 1100 गांवों की चकबंदी नहीं होने से वर्ष 1925 के बंदोबस्त से कार्य हो रहा है। जहां चकबंदी हो गई है, वहां नक्शे जीर्ण-शीर्ण हैं। इस दौरान कर्मचारियों ने वेतन उच्चीकरण और पदोन्नति की मांग भी की। हड़ताल के चलते तहसील और कलक्ट्रेट के कार्यालयों में ताले लटके रहे। इस दौरान काम कराने के लिए आए फरियादी मायूस होकर लौटे। उधर, कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। राजस्व महासंघ के राकेश त्यागी, रमेश चंद्र, सुरेश चंद्र, लक्ष्मी नारायण बाजपेयी, रवेंद्र प्रताप, विक्रम चाहर, भोगीलाल, हेम सिंह वर्मा, कुंवर पाल, कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के राजकुमार, होतीलाल, दीपक सक्सेना, नरेंद्र यादव, राम प्रकाश, बच्चन लाल, विनीत, रीना सक्सेना, शैलेंद्र सक्सेना मौजूद रहे।
राजस्व महासंघ ने दिया धरना प्रदर्शन, तीन सूत्रीय मांगे उठाई
कासगंज। उत्तर प्रदेश राजस्व महासंघ ने तीन सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। जिला मंत्री सुदीप चौहान ने कहा कि तहसीलों में विभिन्न पदों पर चकबंदी विभाग के कार्मिकों का किसी स्तर पर किसी भी रूप में विलय, कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति के लिए शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई का संघ विरोध करता है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के दायित्व एवं महत्व अन्य विभागों से अलग है। लेखपाल, संग्रह अमीन का प्रारंभिक ग्रेड पे 2800, राजस्व निरीक्षक व रजिस्ट्रार कानूनगो का 4200, नायब तहसीलदार का ग्रेड पे 4800 किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष अजय कुमार, तिमराज सिंह, रामदयाल, कीर्ति चौधरी, भोजराज सिंह, सोवेंद्र बाबू आदि मौजूद रहे।