एटा। पांच हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में सीधे घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इन ग्राम पंचायतों को स्वच्छ करने के लिए अन्य कार्य भी होंगे। इसका फैसला पंचायतें खुद करेंगी। जिले की 115 ग्राम पंचायतों में जल्द ही यह कार्य शुरू हो जाएंगे। कूड़ा उठान के लिए प्रतिदिन हर घर से एक रुपया लिया जाएगा।
कार्यभार संभालते ही बृहस्पतिवार को डीपीआरओ प्रीतम सिंह ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता गांव में फैली गंदगी को समाप्त करना है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 115 ग्राम पंचायतों को स्वच्छ करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 5000 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में घरों से सीधा कूड़ा उठाने का कार्य किया जाएगा। कूड़ा उठान के लिए ग्रामीणों को एक रुपया प्रतिदिन देना होगा। जिससे गांव में फैलने वाला कचरा खत्म होगा। कचरे को एकत्रित कर आरआरसी सेंटरों पर भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया से गांव में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों के साथ गांव में फैलने वाले संक्रामक रोगों पर भी नियंत्रण लग सकेगा।
पंचायतों में ई-रिक्शा से घर-घर होगा कूड़ा कलेक्शन
ई-रिक्शा की सहायता से सभी ग्राम पंचायतों के प्रत्येक घरों पर जाकर कूड़ा लिया जाएगा। डीपीआरओ प्रीतम सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को जागरूक भी करेंगे। ग्रामीण घर में एक जगह कूड़ा एकत्रित करें, कूड़े को इधर उधर न फेंके। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में जल्द सफाईकर्मियों की टीमें बनाकर बड़े स्तर पर सफाई अभियान भी चलाया जाएगा।