एटा। मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में ऑपरेशन के लिए मरीजों से ठगी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद स्टाफ नर्स समेत अन्य लोग अस्थि रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के ऊपर अंगुली उठा रहे हैं। ये चिकित्सक पहले भी दो बार विवादों में रहे और सेवा से हटाए गए थे।
सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से पहले जिला अस्पताल में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश परमार को पहले भी ऑपरेशन के लिए रुपये लेने के मामले में अस्पताल से हटाया गया था। उसके बाद मेडिकल कॉलेज में संविदा पर साल 2022 में उन्हें फिर से रख लिया गया। यहां पर भी उनके खिलाफ रुपये लेने की शिकायतें मिलीं। शिकायतों के आधार पर तत्कालीन प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने उन्हें मेडिकल कॉलेज से हटा दिया।
कुछ दिन पहले प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने मेडिकल कॉलेज का पदभार संभाला। इसके बाद डॉ. परमार को फिर से हड्डी रोग विभाग में संविदा पर सेवाएं देने के लिए बुला लिया गया। फिर से ऑपरेशन के लिए रुपये लेने की शिकायतें और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने लगे। यह भी आरोप लगाया गया है कि डॉ. मुकेश परमार शहर में अपना निजी अस्पताल भी संचालित कर रहे हैं जहां मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को उपचार कराने की सलाह देते हैं। सीएमएस ने बताया कि शिकायतें प्राप्त हुई है। इस संबंध में जांच की जा रही है। डॉ. मुकेश परमार का कहना है कि जिला अस्पताल से वह अपनी मर्जी से इस्तीफा देकर गए थे। वहीं प्राचार्य डॉ. नवनीत सिंह के समय पर संविदा काल खत्म हो गया था जिसके बाद नौकरी छोड़ दी थी। अब फिर संविदा पर चयन हुआ है। वसूली के आरोप निराधार हैं।