डंसने के बाद मरे हुए सर्प को साथ लेकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचा किसान। स्रोत वीडियोग्रैब
जलेसर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बृहस्पतिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब इलाज कराने आए एक मरीज डॉक्टर के सामने अपने थैले से एक सांप निकालकर डाल दिया। यह देख चिकित्सक व स्टॉफ हड़बड़ा गए। सांप के जिंदा होने की आंशका को देखते हुए वहां मौजूद लोग इधर-उधर हो गए।
क्षेत्र के गांव अन्निया निवासी गंगा प्रसाद बृहस्पतिवार की सुबह अपने घर के एक कमरे में पुराने सामान को हटाकर कुछ तलाश रहे थे, तभी सामान में छिपे एक सांप ने गंगा प्रसाद के हाथ की उंगली में डस लिया। सांप के डंसने के बाद भी गंगा प्रसाद ने हिम्मत से काम लेते हुए सबसे पहले सांप को काबू में लिया। इस कवायद में सांप मर गया। मरे हुए सर्प को गंगा प्रसाद ने एक थैले में रखा और इलाज कराने को नगर के अस्पताल आ गए। अस्पताल आकर उन्होंने चिकित्सक को अपने साथ हुई घटना बताते हुए थैले से सर्प को निकालकर जमीन पर रख दिया। सर्प मरा होने पर भी चिकित्सक और स्टाफ के लोग हड़बड़ा गए। गंगा प्रसाद ने बताया वह सर्प को इसलिए साथ लाए कि चिकित्सक उसकी प्रजाति को समझकर उसको सही एंटी वेनम दे सकें और उसका सही उपचार हो सके।
पहचान कर सही एंटी वेनम लग सके इसलिए साथ लाया था
गंगा प्रसाद ने सर्प को पकड़ लिया यह सही किया इससे उनको एंटी वेनम वैक्सीन देने में आसानी रही। सर्पदंश के केस आने पर पहले सर्प की प्रजाति के बारे में जानकारी करनी होती है, लोगों अलग-अलग तरीके से बताने पर भ्रम की स्थिति रहती है। सर्प सामने होने पर गंगा प्रसाद काे सही उपचार देने में कतई देरी नहीं हुई।
डॉ. नित्यानंद पांडेय
डंसने के बाद मरे हुए सर्प को साथ लेकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचा किसान। स्रोत वीडियोग्रैब