उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से बहाल कराने की मांग की गई। इसके अलावा शिक्षकों ने अन्य मांगे भी रखी।
संघ के मंडल मंत्री मुकेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2003 में शिक्षकों को पेंशन देने पर रोक लगा दी। अप्रैल 2005 से नियुक्त होने वाले शिक्षकों को पेंशन नहीं मिलेगी। पेंशन बंद हो जाने से सेवानिवृत होने के बाद शिक्षकों के सामने काफी समस्या खड़ी हो जाएगी। शिक्षक प्रदेश सरकार से काफी समय से पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस मांग को अभी तक प्रदेश सरकार नजर अंदाज करती आ रही है। पेंशन को फिर से बहाल किया जाए। विधान परिषद के निर्वाचन में माध्यमिक विद्यालयों के सहायता प्राप्त एवं वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को वोट डालने का अधिकार है। उनकी शैक्षिक योग्यता स्नातक है। बेसिक शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता स्नातक होने के बाद भी उन्हें वोट डालने एवं चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं हैं। विषय अनुदेशकों के साथ बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार सरकार कर रही है। उन्हें 20 हजार रुपये मानदेय दिया जाए एवं विद्यालय में 100 छात्रों की बाध्यता समाप्त की जाए।
इस दौरान जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव, चंद्रपाल सिंह, हाशिम बेग, आलोक यादव, रामवीर सिंह, अरुण प्रताप सिंह, प्रताप सिंह राजपूत, संजय सिंह, संतोष कुमार, जरीना बेगम, राधा कृष्ण वर्मा, मुहम्मद जानिब आदि मौजूद रहे।