जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसु यादव का नाम अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के रूप में घोषित कर दिया है। बसु पूर्व सांसद एवं पार्टी जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव की पुत्री है। राजनैतिक गलियारों में बसु का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। बसु यादव के सामने अन्य किसी प्रत्याशी की दावेदारी सामने नहीं आई है।
बसु का नाम जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए घोषित होने पर सपा कार्यकर्ताओं व समर्थकों में सोमवार की शाम को काफी हर्ष देखा गया। कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बसु और उनके पिता को बधाई देने का सिलसिला शुरू कर दिया। बसु पिता की राजनैतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। वह पूर्व में सोरों की ब्लाक प्रमुख भी रह चुकी है एवं पटियाली विधानसभा से उन्होंने चुनाव भी लड़ा है। जिला पंचायत के 23 सदस्य है। इसमें समाजवादी पार्टी समर्थित 12 सदस्य, पांच बसपा समर्थित, दो भाजपा समर्थित एवं चार निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए है। बसु का नाम घोषित होने के पहले से ही उनके नाम पर पंचायत सदस्यों के बीच सहमति बनी हुई है। ऐसे हालात में बसु का निर्विरोध निर्वाचन तय है। पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव का कहना है कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसु का नाम घोषित किया है, वह उनके आभारी है। पूरी निष्ठा के साथ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जिले में विकास की काफी जरूरत है और वह हमेशा ही विकास के पक्षधर रहे है। जिले भर में उनकी प्रतिबद्धता केवल विकास की है।
किसानों के हित में है बसु- कैप्टन
भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव एवं सपा के जिला सचिव कैप्टन राजू गुप्ता ने बसु यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सपा द्वारा घोषित होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बसु के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने पर किसानों एवं ग्रामीण इलाकों में विकास के नए आयाम खुलेंगे। बसु गांव एवं किसान के लिए गंभीर है। किसानों की समस्याओं से मुक्ति दिलाना उनका मुख्य प्रयास होगा।