एटा। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने सोमवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे दिव्यांग करीब चार घंटे तक भूखे-प्यासे भटकने को मजबूर रहे। जलेसर में केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल की मौजूदगी में लगाए गए शिविर में यहां की चिकित्सकीय टीम को भेजा गया था। जिसके चलते दिव्यांग परेशान रहे। दोपहर बाद हताश होकर घर लौट गए।
सीएमओ कार्यालय में हर सोमवार को दिव्यांग शिविर लगाया जाता है। इसमें पूरी चिकित्सकीय टीम उपलब्ध रहती है। आने वाले दिव्यांगों का परीक्षण कर उनके प्रमाणपत्र जारी करने की कार्रवाई की जाती है। हर सोमवार को 100-150 लोग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचते हैं। इनमें से लगभग 70-80 लोगों के परीक्षण के बाद प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाते हैं। सोमवार को भी सुबह 10 बजे से तमाम दिव्यांगजन पहुंचना शुरू हो गए। चिकित्सकों की टीम भी पहुंची और शुरूआत में जमा हुए फॉर्म के आवेदकों के परीक्षण किए गए।
इसी बीच संदेश आया कि जलेसर में शिविर लगा है। इसमें केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल पहुंच रहे हैं। वहां सभी चिकित्सकों का रहना अनिवार्य है। इसके बाद टीम को जलेसर के लिए रवाना कर दिया गया। बताया गया कि यहां दूसरे चिकित्सकों की व्यवस्था की जाएगी। जिन लोगों के फॉर्म जमा थे, वह चिकित्सकों का इंतजार करने लगे। जबकि अन्य लोग फॉर्म जमा करने के लिए भीड़ में मौजूद थे। दोपहर करीब 2 बजे मना कर दिया गया कि अब चिकित्सकों का आना संभव नहीं है। इसके बाद मायूस दिव्यांगों को दिन भर धक्के खाने के बाद बिना प्रमाणपत्र बनवाए घर लौटना पड़ा।
सुबह से भूखी-प्यासी सीएमओ कार्यालय पर प्रमाण पत्र बनवाने के लिए खड़े हैं, लेकिन कोई भी विभागीय कर्मचारी सही जानकारी नहीं दे रहा है कि बनेंगे या नहीं। मंजू देवी, गांव पोंडरी
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बेटे का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सुबह से आए हैं। अभी पता चला कि डॉक्टर की जलेसर में लगे शिविर में ड्यूटी लगी है। अगले सोमवार आने के लिए बोला जा रहा है। - वीरपाल, बसुंधरा
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सुबह के समय चिकित्सकों की टीम मौजूद रही थी और कई दिव्यांगों के प्रमाण पत्र संबंधी कार्रवाई की गई। जलेसर में भी टीम को भेजना जरूरी था। दोपहर के समय टीम ने जलेसर के शिविर में कार्य किया। यहां आए दिव्यांगजन को जानकारी दे दी गई थी। - डॉ. राम मोहन तिवारी, एसीएमओ व नोडल अधिकारी दिव्यांग बोर्ड