एटा। जिला मुख्यालय से आगरा और टूंडला के लिए भारी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। कम किराए के कारण लोग बस की जगह ट्रेन की यात्रा पसंद करते हैं, लेकिन इन दिनों समस्या खड़ी हो गई है। सुबह जल्दी और शाम को देरी से यात्री गाड़ी लौटती है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का गांव पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
जिले से एक मात्र ट्रेन का संचालन हो रहा है, जो सुबह को टूंडला से एटा आती है और वापस आगरा के लिए रवाना हो जाती है। एटा से आगरा फोर्ट के लिए सुबह 7:30 पर ट्रेन निकलती है। इसके माध्यम से काफी संख्या में लोग दवाई लेने व अन्य कार्यों से आगरा जाते हैं। सर्दी बढ़ने के कारण लोग जल्दी स्टेशन तक नहीं पहुंच पाते और ट्रेन निकल जाती है। जिसकी वजह से अधिक किराया खर्च करके आगरा जाना पड़ता है।
वहीं शाम के समय उधर से लौटते समय रात के 8:30 या इससे भी ज्यादा समय हो जाता है। जिसके कारण गांव तक पहुंचने के लिए वाहन नहीं मिलता है। स्टेशन पर या रैन बसेरे में रुकना पड़ता है। सुबह ही घर जा पाते हैं। इसलिए या तो इस ट्रेन का समय परिवर्तन किया जाए या फिर फेरे बढ़ाए जाएं।
शहर के लोगों के लिए तो कहीं तक व्यवस्था ठीक है। गांव के लोग तो सुबह जल्दी आते हैं और शाम को लौटने पर देर हो जाती है। इसलिए ट्रेन के समय में परिवर्तन होना चाहिए। जिससे कि सभी लोगों को रेल यात्रा का लाभ मिल सके। -शांतनु कुमार, छछैना
जिले के बहुत से लोग ऐसे हैं जो रेल यात्रा के भरोसे ही आगरा का सफर करते हैं। दवा के लिए पैसों की व्यवस्था मुश्किल सो हो पाती है। ऊपर से बस में लगने वाला एक व्यक्ति का 125 रुपये का महंगा किराया जेब पर बोझ बन जाता है। -वेदवती देवी, गोविंद नगर
स्थानीय जनप्रतिनिधि की ओर से जब तक कोई मांग पत्र रेल मंत्रालय को नहीं मिलेगा, तब तक यात्री गाड़ी के समय परिवर्तन या नई ट्रेन के संचालन को लेकर विचार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा अगर जनता और स्थानीय व्यापारीगण भी पत्राचार करें तो बात बन सकती है। -शशिकांत त्रिपाठी, प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी उमरे प्रयागराज