डायट परिसर में धरने पर बैठे डीएलएड प्रशिक्षु ।संवाद
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एटा। डीएलएड प्रशिक्षुओं ने डायट में मूल्यांकन गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शुक्रवार से धरना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि मामले का निस्तारण कराने के लिए डायट प्राचार्य ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की थी। सात दिनों का समय तय किया गया था। लेकिन तय समय में मूल्यांकन को लेकर निस्तारण न होने पर प्रशिक्षु धरने पर बैठ गए हैं।
डीएलएड प्रशिक्षुओं का आरोप है कि जिस विद्यालय में एक माह कार्य किया जाता है उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक को ही मूल्यांकन करने का अधिकार है। मूल्यांकन में फेरबदल करना डायट के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। डायट द्वारा प्रशिक्षुओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। प्रशिक्षुओं का कहना है कि मामले की जांच कराने के लिए कमेटी तो गठित की गई लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकल सका है, इससे हम असंतुष्ट हैं। डायट कमेटी निष्क्रिय प्रतीत हो रही है और मूल्यांकन में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। इसके विरोध में धरना शुरू किया गया है। धरने में पुष्पेंद्र गोला, प्रवीन राजपूत, राघवेंद्र, अभय कुमार, अतुल सोनी, अरुण दयाल, शशांक, मोहिनी कश्यप, निधि, ज्योति, आराधना, विजितेंद्र, दिव्यांश, पवनजीत, दक्षिता और शिवानी मौजूद रहीं।