फोटो11सोरोंजी स्थित हरि की पौड़ी । संवाद
सोरोंजी। मुख्यमंत्री ने 28 अक्तूबर 2021 को सोरोंजी शूकरक्षेत्र को तीर्थस्थल का दर्जा दिया था। तीर्थस्थल का दर्जा मिले चार वर्ष गुजर चुके हैं लेकिन विकास कार्य रफ्तार नहीं पकड़ सके हैं। तीर्थनगरी की महत्वपूर्ण विकास योजना में शामिल पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का निर्माण एवं हरि की पौड़ी के घाटों के सौंदर्यीकरण का कार्य अधूरा है।
तीर्थनगरी के वाशिंदों की लंबे समय से सोरोंजी को तीर्थस्थल घोषित किए जाने की मांग थी। अमर उजाला ने लोगों के इस अभियान को धार दी। शासन तक यह गूंज पहुंची तो सरकार ने वर्ष 2024 में इसे तीर्थस्थल का दर्जा दिया। इसी वर्ष मई माह में मुख्यमंत्री जब पुलिस लाइन के उद्घाटन को पहुंचे तब उन्होंने फिर से भगवान वराह की इस प्राकट्य भूमि के विकास का संकल्प व्यक्त किया लेकिन विकास के कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहे। धन का भी अभाव है। विकास योजनाएं भी प्रस्तावित हैं। तीर्थनगरी के लोग मानते हैं कि जब तक शासन समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित करके विकास के कार्य नहीं कराएगा तब तक योजनाएं गति नहीं पकड़ पाएंगी। संत तुलसीदास नगर विकास समिति संयोजक डाॅ. प्रभाकर पाराशरी, शूकरक्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा संयोजक भूपेश शर्मा, राष्ट्रीय युवा शक्ति प्रमुख प्रदीप रघुनंदन ने मुख्यमंत्री से तीर्थनगरी के विकास की मांग की है।