प्रदेश सरकार के बजट में एक बार फिर जिले को कुछ नहीं मिला है। सपा के गढ़ कहलाने वाले जिले के लोग मायूस हैं। अधिकांश ने इसे चुनावी बजट बताया। वहीं अन्य योजनाओं से किसानों, बेरोजगारों, बेसहारा बुजुर्गों को बजट में आस जगी है।
बजट से व्यापारी और छात्र निराश हैं। वहीं कन्या विद्याधन, लैपटॉप बजट बढ़ाने से मेधावी छात्र-छात्राओं को आस जग रही है। किसान दुर्घटना बीमा की नई नीति से भी किसान उम्मीदजदा हैं। किसानों ने दुर्घटना बीमा में बढ़ी रियायतों से जरूर राहत की सांस ली है। समाजवादी पेंशन योजना लक्ष्य बढ़ाने का भी लोगों ने स्वागत किया है।
सपा शासन ने मेधावी गरीबों तक लैपटाप पहुंचाया है। इस साल बढ़े बजट से अन्य मेधावियों को भी लैपटॉप मिलने की आस बढ़ी है।
- धर्मेंद्र यादव, छात्र, अंबारी
अखिलेश सरकार कन्या विद्याधन देकर छात्राओं को प्रोत्साहित कर रही है। बजट बढ़ाकर एक बार फिर मेधावियों की सहायता अच्छी पहल है।
- अनुश्री द्विवेदी, कन्या विद्याधन लाभार्थी छात्रा
विकलांगों की बजट में अनदेखी की गई है। इनका कहना है कि आश्वासन के बाद भी प्रदेश सरकार ने विकलांग पेंशन राशि में ही वृद्धि की और न ही उनके लिए अन्य सुविधाएं ही बढ़ाई हैं।
- मनोरमा, छात्रा, सराय जवाहरपुर
सरकारी बजट निराशाजनक है। बजट में सूखा और अन्य आपदा बजट बढ़ाने का ऐलान कर किया है। वहीं जिले के हजारों आपदा पीड़ित किसान आज भी खाली हाथ हैं। उन्हें घोषणाओं के बाद भी मुआवजा नहीं मिल सका है।
- अखिल यादव, किसान नेता
शिक्षकों ने किया मानदेय बजट का स्वागत
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष गुमान सिंह यादव ने प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया। उन्होेंने कहा कि अब शिक्षकाें के विनियमितीकण को लेकर संघर्ष तेज किया जाएगा। बताते चलें कि प्रदेश शासन ने शिक्षक मानदेय के लिए 200 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है।