एटा। रविवार को शहर के जीटी रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में क्रांतितीर्थ कार्यक्रम हुआ। इसमें गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से संस्कार भारती द्वारा कराया गया।
मुख्य वक्ता डॉ. विग्नेश कुमार त्यागी ने कहा कि 1857 की क्रांति की शुरूआत होते ही एटा के स्वतंत्रता सेनानियों ने आगे बढ़कर मोर्चा संभाला था। अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह के लिए सकीट के राजा डंबर सिंह ने बिगुल बजाया था। एटा के लोगों को खून गर्म है। इसलिए यहां के लोगों की व्यवहार में गरम दिखाई देते हैं, लेकिन यह लोग साहित्य के अनुरागी हैं।
उन्होंने कहा कि एटा वीरों की भूमि है। यहां के युवा क्रांतिकारी गतिविधियों में सबसे आगे रहे हैं। महावीर सिंह राठौर, होतीलाल दास हों या फिर अन्य क्रांतिकारी, सने आगे बढ़कर अंग्रेजों से लोहा लिया। सर पे बांधे कफनिया, शहीदों की टोली निकली नारा एटा के वीर स्वतंत्रता सेनानियों ने ही दिया था।
राज्यसभा सासंद हरनाथ सिंह, सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड, अलीगंज विधायक सत्यपाल सिंह राठौर, एमएलसी आशीष यादव, संस्कार भारती के अखिल भारतीय संरक्षक बांकेलाल गौड़, भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप जैन, डॉ. दिनेश वशिष्ठ, डॉ. प्रेमीराम मिश्र आदि मौजूद रहे।